
राजस्थान लोकसभा चुनाव में एक दशक बाद कांग्रेस की वापसी का सेहरा पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के सिर बंधा। डोटासरा और पायलट के आक्रामक प्रचार की बदौलत कांग्रेस दोनों चरणों में प्रभावी नजर आई। शेखावाटी में सीपीएम से गठबंधन और भाजपा के बागी राहुल कस्वां को टिकट दिलाने में डोटासरा ने अहम भूमिका निभाई। इसी के दम शेखावटी से भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया।
उधर, पायलट ने अपने करीबी बृजेंद्र ओला, भजनलाल जाटव, मुरारीलाल मीना, हरीश मीना, संजना जाटव और कुलदीप इंदौरा को न केवल टिकट दिलाए बल्कि उनकी जीत में भी अहम भूमिका निभाई।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने राजस्थान में कांग्रेस की जीत को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'नतीजों का मुख्य सार यह है कि देश व राजस्थान की जनता ने बंटवारे, अहंकार व जमीनी मुद्दों को नजरअंदाज करने की राजनीति को ठुकराया है। यह जनादेश भाजपा के खिलाफ है और इंडिया गठबंधन तथा कांग्रेस के पक्ष में है। राहुल, प्रियंका, खरगे की मेहनत रंग लाई है और जनता का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।'