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जयपुर।
राजस्थान सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर डाला गया एक पोस्ट चर्चा का विषय बन गया। दरअसल, इस पोस्ट के कुछ शब्दों में त्रुटियां तो थीं हीं, उससे कहीं ज़्यादा बड़ी गलती हिंदी भाषा को 'राजभाषा' की जगह 'राष्ट्र भाषा' कर संबोधित करने की भी थी। प्रदेश की जनता को हिंदी दिवस पर शुभकामना देने का ये पोस्ट अपलोड होने के साथ ही ट्रॉल होने लगा। ज़ाहिर है प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से हुए इस पोस्ट में अशुद्धियों पर बहस तो होनी ही थी। ख़ास बात ये भी थी कि अशुद्धियां भरा मैसेज कई घंटों तक हटाया भी नहीं गया।
'राष्ट्रभाषा' नहीं 'राजभाषा' है हिंदी
भारत की आधिकारिक रूप से कोई राष्ट्रभाषा घोषित नहीं हुई है। हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। इसका अर्थ यह है कि भारत देश के सभी औपचारिक एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा का प्रयोग होता है। दरअसल, भारत में अधिकांश लोग हिंदी को राष्ट्रभाषा मानते हैं। देश की सर्वाधिक जनसंख्या हिंदी भाषा ही समझती और बोलती है। लेकिन हिंदी भाषा भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी भारत की 'राजभाषा' यानी राजकाज या फिर कहें सरकारी कामकाज की भाषा मात्र है। भारत के संविधान में राष्ट्रभाषा का कोई उल्लेख नहीं है।
ये सामने आईं अशुद्धियां
शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी के ट्विटर अकाउंट से सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर शुभकामना संदेश पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में 'लड़खड़ाती' है की जगह 'लड़खड़ती' है लिखा गया। वहीं 'शुभकामनाएं' की जगह 'शुभकामनाऐं' लिखा गया है।
फेसबुक पर भी 'अशुद्धि' भरा मैसेज किया पोस्ट
उच्च शिक्षा मंत्री की ओर से अशुद्धियों भरा पोस्ट ट्विटर के साथ ही फेसबुक पर भी अपलोड किया गया है। माहेश्वरी के फेसबुक को 34 हज़ार 278 यूज़र्स फॉलो करते हैं जबकि ट्विटर पर यूज़र्स का आंकड़ा 41 हज़ार 314 फ़ॉलोअर्स।
गौरतलब है कि देश भर में हर साल 14 सितंबर हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कहीं निबंध लेखन तो कहीं व्याख्यानमाला जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के ज़रिए हिंदी भाषा की वास्तविक स्थिति पर मंथन करने के साथ ही इसकी बेहतरी और प्रचार-प्रसार किए जाने को लेकर विचार प्रकट किए जा रहे रहे हैं। लेकिन इन सभी के बीच राजस्थान की शिक्षा मंत्री की ओर से हिंदी दिवस पर जारी हुए इस शुभकामना सन्देश के ट्वीट में अशुद्धियों पर अब बहस छिड़ी हुई है।