
देर रात संविदा नर्सिंगकर्मियों से समझाइश के लिए पहुंचे मंत्री केके बिश्नोई। फोटो: पत्रिका
जयपुर। जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मियों का आंदोलन शनिवार रात जयपुरिया अस्पताल की पानी की टंकी से उतरकर चरक भवन की पानी टंकी पर पहुंच गया। करीब 40 घंटे से डटे 3 संविदा नर्सिंगकर्मी रात करीब 9 बजे नीचे उतरे। इसके दस मिनट बाद दो अन्य संविदाकर्मी राम भरत सिंह गुर्जर और भरत मीणा एसएमएस अस्पताल के चरक भवन स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जयपुरिया की टंकी पर चढ़े उनके तीन साथियों को पुलिस ने दबाव बनाकर नीचे उतारा।
उन्हें समझाने के लिए मंत्री के.के. बिश्नोई मौके पर पहुंचे। मंत्री ने उनकी मांगों और समस्याओं सुना। कुछ देर चली बातचीत के बाद सहमति बन गई। इसके बाद दोनों रात 12:40 बजे नीचे उतरे। संविदा नर्सिंगकर्मी विमल शर्मा, रॉबिन शर्मा और संजीता चौधरी भर्ती नियमों में बदलाव के विरोध में जयपुरिया अस्पताल परिसर की पानी की टंकी पर चढ़े थे।
इस दौरान मोबाइल फोन डेड हो गए और पीने का पानी भी खत्म हो गया। कांस्टेबल रामअवतार ने तीनों से संपर्क कर कहा कि उनका संदेश सरकार तक पहुंच चुका है और प्रशासन समस्याओं के समाधान के लिए तैयार है। उनकी पहल पर तीनों की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ से बात कराई गई। आश्वासन के बाद तीनों रात करीब 9 बजे नीचे उतर आए।
तीनों के नीचे उतरने के कुछ ही देर बाद संविदा नर्सिंगकर्मी राम भरत गुर्जर और भरत लाल मीणा रात करीब 9.10 बजे जयपुर के एसएमएस अस्पताल परिसर स्थित चरक भवन की पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनका कहना है कि बोनस के रूप में 10, 20 और 30 अंक देने की व्यवस्था बरकरार रखी जाए। संविदा नर्सिंगकर्मी कहा कि पुलिस ने हमारे तीन साथियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें नीचे उतारा है। पुलिस ने उनके परिजनों पर दबाव बनाया और फोन पर बात करवाकर उन्हें जबरन नीचे उतारा गया।
हालांकि, समझाइश के बाद संविदा नर्सिंगकर्मी राम भरत गुर्जर और भरत लाल मीणा के नीचे उतरने पर पुलिस-प्रशासन और अन्य अधिकारियों ने राहत की सांस ली। प्रशासन की ओर से मांगों पर उचित कार्रवाई का दिया गया है। मामले में सोमवार को संविदा नर्सिंगकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ से मुलाकात हो सकती है।
Updated on:
09 Aug 2026 07:20 am
Published on:
09 Aug 2026 07:06 am
