जयपुर

Rajasthan News : एसी कार में नहीं, तपती गर्मी में 70 किलोमीटर तक पैदल चलेंगे मंत्री मदन दिलावर, जानें क्यों लिया ऐसा फैसला?

राजस्थान की राजनीति में अपने सख्त मिजाज और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई बयान नहीं, बल्कि उनका एक कड़ा संकल्प है।

2 min read
Mar 11, 2026

राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर 13 मार्च से अपने विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में एक बड़ी राजनीतिक और सामाजिक पहल करने जा रहे हैं। 'सरकार आपके द्वार' के नारे को चरितार्थ करने के लिए दिलावर "जनहिताय – जनसुखाय पदयात्रा" शुरू कर रहे हैं। 13 मार्च से 16 मार्च तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वे लाडपुरा पंचायत समिति के सुदूर ग्रामीण इलाकों में 70 किलोमीटर पैदल चलेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर सुनना और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan : 17 कश्मीरी छात्र जेल से रिहा, भजनलाल सरकार से मांगी ‘सुरक्षा’, जानें क्या है पूरा मामला?

क्यों चुनी पदयात्रा?

आमतौर पर मंत्रियों का दौरा सायरन बजाती गाड़ियों और एसी के घेरे में होता है, लेकिन मदन दिलावर ने इस बार 'पैदल' चलने का फैसला किया है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

  • सीधा संवाद: पदयात्रा के जरिए वे उन लोगों तक पहुँच सकेंगे जो जयपुर या कोटा तक अपनी फरियाद लेकर नहीं आ पाते।
  • भ्रष्टाचार और ढिलाई पर नजर: गांव की गलियों में घूमने से स्थानीय प्रशासन और स्कूल-अस्पतालों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
  • समाधान हर बार: दिलावर का संकल्प है कि इस यात्रा के दौरान जो भी समस्या सामने आएगी, उसका मौके पर ही निस्तारण किया जाए।

चार दिन शेड्यूल और रूट

यह यात्रा 70 किलोमीटर की है, जिसे चार चरणों में बांटा गया है। गर्मी के बढ़ते तेवर के बीच यह किसी 'अग्निपरीक्षा' से कम नहीं है।

प्रथम दिवस (13 मार्च): नयागांव से शुरू होकर डोबड़ा, पदमपुरा, कोथला, थोलपुरा, डडवाडा, भंवरिया, कंवरपुरा, हरिपुरा और संवठा होते हुए सोहनपुरा में रात्रि विश्राम। (14 कि.मी.)

द्वितीय दिवस (14 मार्च): सोहनपुरा से महानपुरा, मंदिरगढ़ होते हुए देवनली दामोदरपुरा तक। (12 कि.मी.)

तृतीय दिवस (15 मार्च): देवनली दामोदरपुरा से जसपुरा, केशवपुरा, किशनपुरा, डोलिया, चांदवाड़ी होते हुए गिरधरपुरा तक। (21 कि.मी.)

चतुर्थ दिवस (16 मार्च): गिरधरपुरा से कोलीपुरा, भैंसपुरा, बोराबास, जामुनिया बॉवड़ी और अंत में बलिंडा पर समापन। (23 कि.मी.)

'सरकार आपके द्वार' - समाधान हर बार

मदन दिलावर ने सोशल मीडिया पर इस यात्रा का पोस्टर साझा करते हुए इसे "जनसंवाद, जनसेवा और जनकल्याण" का माध्यम बताया है। यात्रा के दौरान मंत्री गांवों के मंदिरों और चौपालों पर रुकेंगे, लोगों के साथ सादा भोजन करेंगे और रात को गांवों में ही विश्राम करेंगे। इससे ग्रामीणों को महसूस होगा कि सरकार वाकई उनके पास आई है।

शिक्षा मंत्री के दौरे से कर्मचारियों में हड़कंप

दिलावर का यह दौरा केवल जनसंवाद तक सीमित नहीं है। चूँकि वे शिक्षा मंत्री भी हैं, इसलिए पदयात्रा के मार्ग में आने वाले सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों और पंचायत कार्यालयों का वे औचक निरीक्षण भी करेंगे। अनुपस्थित रहने वाले या काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ वे मौके पर ही सस्पेंशन की कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं, जिससे क्षेत्र के महकमों में अभी से खलबली मच गई है।

लाडपुरा क्षेत्र की बदलती राजनीतिक तस्वीर

रामगंजमंडी और लाडपुरा क्षेत्र में मदन दिलावर की इस पदयात्रा को आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती के तौर पर भी देखा जा रहा है। गांव-गांव पहुँचकर वे अपने 'वोट बैंक' को साधने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहे हैं। 70 किलोमीटर की यह दूरी तय कर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि उम्र और पद की परवाह किए बिना वे आज भी जमीन से जुड़े हुए नेता हैं।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Vidhan Sabha : मंत्री मदन दिलावर बोले ‘कांग्रेस ने भांग खाकर खोले स्कूल’, बयान पर जमकर हंगामा, देखें VIDEO

Published on:
11 Mar 2026 01:24 pm
Also Read
View All

अगली खबर