
जयपुर।
विधानसभा चुनाव के मतदान में अब 10 दिन का ही समय शेष बचा है, वहीं कांग्रेस के प्रत्याशियों को अभी भी अपनों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये है कि राजधानी के अधिकांश प्रत्याशी प्रचार में ध्यान देने की बजाए अपने रूठे कार्यकर्ताओं और नेताओं को मनाने में व्यस्त हैं।
राजधानी के किशनपोल, आदर्श नगर, हवामहल, विद्याधर नगर और मालवीय नगर विधानभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशियों को नेताओं की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। चुनाव में नाराजगी कहीं भारी न पड़ जाए इसी को ध्यान में रखकर कांग्रेस प्रत्याशी रूठों को मनाने में जुटे हैं।
गौरतलब है कि किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। वहीं किशनपोल में एक दर्जन अल्पसंख्यक नेता ऐसे भी हैं, जो कांग्रेस प्रत्याशी अमीन कागजी से नाराज चल रहे हैं, जिन्हें मनाने के लिए कागजी दिन-रात एक किए हुए हैं। यही हाल राजधानी की हवामहल विधानसभा क्षेत्र का भी है, जहां टिकट कटने से नाराज पूर्व मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने पार्टी के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए थे। साथ ही उन्होंने ये भी कह दिया था कि वे हवामहल को छोड़कर कहीं भी कांग्रेस के लिए प्रचार करने को तैयार है। शर्मा के अधिकांश समर्थक भी कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार से दूर हैं।
हवामहल से कांग्रेस प्रत्याशी महेश जोशी कई बार बृजकिशोर शर्मा और उनके समर्थकों की मान मनुहार कर चुके हैं। वहीं आदर्श नगर में कांग्रेस प्रत्याशी रफीक खान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की मनुहार करने में व्यस्त हैं। आदर्श नगर के अधिकांश नेता रफीक खान को बाहरी बताते हुए विरोध कर रहे हैं।
इसी प्रकार विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी सीताराम अग्रवाल को लेकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। वे भी नाराज नेताओं को मनाने में जुटे हैं। यही हाल मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र का हैं ,जहां टिकट के लिए सबसे ज्यादा दावेदार इसी विधानसभा क्षेत्र से थे। यहां कांग्रेस प्रत्याशी को रूठों की मान मनुहार करनी पड़ रही है।