
जयपुर
प्रदेश में 5 माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं....भाजपा जहां चार साल में किए गए कामों के दम पर सत्ता में फिर से आने की बात कह रही हैं वहीं कांग्रेस भाजपा की नाकामियों को जनता के सामने लाकर सत्ता में वापसी के भरोसे है.....लेकिन कांग्रेसी नेताओं की खींचतान और गुटबाजी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है।
कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ती जा रही है। बड़े नेता सच्चाई स्वीकार कर कार्रवाई करने के बजाय खामोशी से देख रहे हैं और लड़ाई-झगड़ों को बाहरी लोगों की शरारत कह गुटबाजी को दबाने में लगे हुए हैं। बीते एक सप्ताह में कांग्रेस नेताओं के बीच जूतमपैजार के तीन मामले हुए हैं। जबकि एक माह के दौरान करीब एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। अब टिकट के दावेदार और उनके समर्थक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे समेत अन्य नेताओं के सामने हंगामा और मारपीट करने लग गए हैं। शहर के आदर्श नगर, विद्याधर नगर, मालवीय नगर व किशनपोल क्षेत्र के कुछ ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विवाद चल रहा है। स्थानीय नेता इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, सह प्रभारी विवेक बसंल को भी बता चुके हैं।
दावेदार आमने सामने
चौधरी के कपड़े फाड़े: 25 मई को शाहपुरा में कार्यक्रम में आलोक बेनीवाल के समर्थकों ने राष्ट्रीय प्रवक्ता संदीप चौधरी से मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए।
कागजी-खंडेलवाल में विवाद: जयपुर में 25 मई किशनपोल से दावेदार अमीन काजगी व ज्योति खंडेलवाल उलझ गए थे।
मिर्धा-डूडी समर्थक भिड़े: डीडवाना में दो जून को ज्योति मिर्धा और चेतन डूडी के समर्थक भिड़ गए।
सुमेरपुर में विवाद: पाली के सुमेरपुर में 12 जून को प्रदेश सह प्रभारी विवेक बंसल की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं में टकराहट हुई।
तारानगर में कार्यकर्ता उलझे: तारानगर में राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में उलझ गए।
दानिश से मारपीट: सवाई माधोपुर में 30 जून को कांग्रेस के आइटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष दानिश अबरार से दूसरे गुट के लोगों ने मारपीट कर दी।