
जयपुर ।
भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद विधायक घनश्याम तिवाड़ी अब खुली बगावत पर उतर आए हैं। लम्बे से भाजपा से नाराज़ चल रहे तिवाड़ी ने पहले बीजेपी का विरोध किया। उसके बाद तिवाड़ी ने खुद की नई पार्टी भारत वाहिनी बना बीजेपी से इस्तीफा दे दिया और अब जगह-जगह अपने पोस्टर ओर बैनर लगा लोगो मे चर्चा का विषय बन रहें है।
इसी के साथ सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने रविवार को रविवार को अपनी ही पार्टी भारत वाहिनी की सदस्यता भी ग्रहण कर ली। साथ ही तिवाड़ी के पार्टी के सदस्यों ने उनसे प्रदेश अध्यक्ष का पद ग्रहण करने का प्रस्ताव भी दे दिया है। आपको बता दें कि अभी तक बीजेपी ने तिवाड़ी का इस्तीफा स्वीकार भी नहीं किया था और उन्होंने पार्टी की सदस्यता लेने के साथ-साथ पोस्टर और बैनरों से पार्टी का प्रचार भी शुरू कर दिया है।
इस्तीफा स्वीकार हुआ या नहीं इस पर अभी तक संशय
घनश्याम तिवाड़ी ने 25 जून को बीजेपी से इस्तीफा दिया था। भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिख दिया था। हालांकि, अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ है या नहीं। इस पर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन, सूत्रों की मानें तो अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। क्योंकि, यदि इस्तीफा स्वीकार कर दिया जाता तो इसकी सूचना राजस्थान विधानसभा को भी भेजनी पड़ती। अभी तक विधानसभा में भी घनश्याम तिवाड़ी के इस्तीफे की सूचना भाजपा की ओर से नहीं भेजी गई है। यदि सूचना भेजी जाती है तो तिवाड़ी की सदस्यता दल बदल कानून के तहत रद्द हो जाएगी।
पार्टी का प्रचार खुद कर रहें है तिवाड़ी
भारत वाहिनी पार्टी की ओर से विधायक घनश्याम तिवाड़ी का जगह जगह स्वागत हो रहा है तिवाड़ी भी इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों के बीच पहुंच रहे हैं और पार्टी के बारे में जानकारी दे रहे हैं ताकि चुनाव से लोगों को पार्टी की जानकारी देने के साथ ही संगठन को मजबूत बना सके। दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने हाल ही भारतीय जनता पार्टी से त्याग पत्र दिया है। जिसके बाद स्पष्ठ हो गया है कि वे अगला विधानसभा चुनाव भारत वाहिनी पार्टी की टिकट पर सांगानेर विधानसभा से लड़ेंगे।
दो सौ सीट पर चुनाव की तैयारी
नवगठित भारत वाहिनी पार्टी प्रदेश की सभी दो सौ सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है। पार्टी मानकर चल रही है कि प्रदेश में सरकार विरोधी माहौल है और चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज लोग उनके साथ आ सकते हैं और इसका फायदा पार्टी को मिलेगा। ऐसे में पार्टी हर क्षेत्र से चुनाव लड़ सकती है।
वाहिनी का तीन जुलाई को पहला सम्मेलन
बता दें कि भारत वाहिनी पार्टी बनने के बाद तीन जुलाई को पार्टी का पहला सम्मेलन भी होने जा रहा है। जिसमें 200 विधानसभा क्षेत्रों के कऱीब 2000 प्रतिनिधि भाग लेंगे। यह सम्मेलन राजधानी के बिड़ला सभागार में आयोजित किया जाएगा। तिवाड़ी के जगह-जगह लगे पोस्टरों में 3 जुलाई को होने जा रहे कार्यक्रम के बारे में भी दिया हुआ है। इस सम्मेलन में तिवाड़ी अपना पदभार ग्रहण कर प्रदेश के आगामी चुनावों को की कार्ययोजना भी रख सकते हैं।
Published on:
01 Jul 2018 09:27 pm
