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रामगंज की घटना ने बढ़ाई कमिश्नरेट की धड़कन, शहर के 15 क्षेत्रों को माना खतरनाक

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रामगंज की घटना ने बढ़ाई कमिश्नरेट की धड़कन, शहर के 15 क्षेत्रों को माना खतरनाक

धीरेन्द्र भट्टाचार्य / जयपुर। विधानसभा चुनावी दौर में रविवार को रामगंज में हुए उपद्रव ने कमिश्नरेट की धड़कन बढ़ा दी है। इस घटना के मद्देनजर कमिश्नरेट ने शहर के पंद्रह थाना क्षेत्रों को अतिसंवदेनशील माना है, जहां कभी भी मामूली विवाद बड़े उपद्रव का रूप ले सकता है। यही वजह है कि चिन्हित थाना क्षेत्र में अब अर्द्धसैनिक बल तैनात करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय को भी प्रस्ताव भेज दिया गया है। चुनाव को देखते हुए कमिश्नरेट को अभी आरएएफ की एक और आरएसी की चार कंपनियां दी गई हैं।

इनको माना अतिसंवेदनशील

रामगंज में रविवार को घर के सामने झंडी लगाने के विवाद को लेकर हुए उपद्रव को कमिश्नरेट ने गंभीर मामला माना है। इस उपद्रव में पांच पुलिसकर्मियों सहित आठ लोग घायल हो गए थे। हालांकि रामगंज थाना पुलिस ने इस मामले में 14 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन चुनावी दौर में शहर में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कमिश्नरेट अब फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। इसके चलते तमाम थानाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट मांगी गई थी, जिमके आधार पर रामगंज, सुभाषचौक, गलतागेट, माणकचौक, आमेर, ब्रम्हपुरी, कोतवाली, शास्त्रीनगर, सांगानेर, खौ-नागौरियान, जालूपुरा, हसनपुरा, सदर और भांकरोटा को अतिसंवेदनशील थाना क्षेत्र माना गया है।

पुलिस मुख्याल को भेजा प्रस्ताव

कमिश्नरेट ने चुनावी दौर में शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिसंवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों की मांग की है। इसके लिए पुलिस मुख्यालय को भी प्रस्ताव भेज दिया गय है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डा. नितिन दीप का कहना है कि पुलिस मुख्यालय की और से अर्द्धसैनिक बल मुहैया करवाने के साथ ही उनको अतिसंवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया जाएगा।

Published on:
20 Nov 2018 08:27 pm