
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 25 नए जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि 192 पदाधिकारियों को कार्यकारिणी में जगह मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 10 जुलाई को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों एवं विभिन्न जिला कांग्रेस कमेटियों में अध्यक्षों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी। राजस्थान की नई प्रदेश कार्यकारिणी में अशोक गहलोत गुट को पायलट गुट की तुलना में अधिक तव्वजो दी गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की जारी नई लिस्ट एक बार फिर से हंगामा न कर दे। अभी कुछ ही दिन बीते है जब अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच रिश्ते मधुर हुए हैं।
192 पदाधिकारियों के नाम का ऐलान
एक लम्बे इंतजार के बाद कांग्रेस ने राजस्थन में प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने देर रात को 48 महासचिव, 21 उपाध्यक्ष, 121 सचिव, 25 जिलाध्यक्षों के साथ कोषाध्यक्ष की नियुक्तियां की है। कांग्रेस संगठन में नियुक्तियों की जम्बो लिस्ट जारी होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। संगठन में किसका पलड़ा भारी रहा। अशोक गहलोत या सचिन पायलट का। पर लिस्ट में जारी नामों को देखकर लग रहा है कि गहलोत गुट को नई कार्यकारिणी में ज्यादा अहमियत दी गई है।
अशोक गहलोत का पलड़ा भारी होने के दो कारण
अशोक गहलोत का पलड़ा भारी है। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला गहलोत के समथकों की संख्या पायलट समर्थकों से कई गुना ज्यादा है। दूसरा वह पार्टी के सीनियर और अनुभवी नेता है। यही वजह है कि अशोक गहलोत के समथकों का नाम लिस्ट में अधिक है।
सत्ता और संगठन के किसी पद पर नहीं हैं सचिन पायलट
जुलाई 2020 में सचिन पायलट सत्ता और संगठन में बड़े पदों पर आसीन थे। पायलट प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे। और सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर आसीन भी थे। पर बगावत के बाद उनसे दोनों ही पद छीन लिए गए। पर आने वाले दिनों में सचिन पायलट को कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष स्थान मिलने वाला है।