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जयपुर। अशोक गहलोत ने शुक्रवार को वागड़ का चुनावी दौरा किया। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी के जाति-धर्म आधारित बयान पर कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक माह पहले ही पार्टी के तमाम नेताओं को संदेश दिया था कि सभी बचकर सावधानी से चलें, क्योंकि भाजपा के पास उपलब्धियां गिनाने को कुछ नहीं हैं, ऐसे में वे बातों को तोड़-मरोड़कर पेश करेंगे और जिसका अंदेशा था वही हुआ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, राहुल गांधी ने साफ कहा है कि पार्टी के किसी भी साथी का इस तरह का बयान स्वीकार नहीं होगा। अगर जोशी ने ऐसा कहा है तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि काम-धाम तो कुछ किया नहीं, अब चले गए हैं राम की शरण में, अगर उन्हें राम भी मिल जाए तो मोदी जी को ही सजा देंगे।
राहुल गांधी की फटकार, जोशी ने खेद जताया
जोशी के विवादित बोल की भाजपा नेताओं ने तीखी निंदा की तो राहुल गांधी ने ट्विटर पर खेद प्रकट करने की हिदायत दे दी। जोशी ने तत्काल ट्विटर पर खेद जता बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की सफाई दी। शुक्रवार सुबह राहुल ने अपने ट्विटर अकाउन्ट पर कहा, सी.पी. जोशी का बयान कांग्रेस के आदर्शों के विपरीत है। पार्टी के नेता ऐसा कोई बयान न दें, जिससे समाज के किसी भी वर्ग को दु:ख पहुंचे। कांग्रेस के सिद्धातों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का आदर करते हुए जोशी को जरूर गलती का अहसास होगा। उन्हें खेद प्रकट करना चाहिए।
जोशी ने ये लिखा ट्विटर पर...
अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर जोशी ने लिखा, कांग्रेस के सिद्धांतो एवं कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए मेरे कथन से समाज के किसी वर्ग को ठेस पहुंची हो तो मैं उसके लिए खेद प्रकट करता हूं। इससे पहले एक अन्य ट्वीट में जोशी ने लिखा, भाजपा की ओर से मेरे कथन को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की मैं निंदा करता हूं। तमाम विवादों को खत्म करने के लिए मैं यहां मेरे भाषण का क्लिप संलग्न कर रहा हूं। सत्यमेव जयते।
भाजपा ने की चुनाव आयोग से शिकायत...
उधर, भाजपा ने जोशी के बयानों को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है। चुनाव प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नाहर सिंह माहेश्वरी ने आरोप लगाया कि जोशी की टिप्पणियों से आचार संहिता का स्पष्ट रूप से उल्लंघन होता है।