
सुनील सिंह सिसोदिया
जयपुर। पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री जतिन प्रसाद ने कहा कि भाजपा के लोग अपने नेता साक्षी महाराज, साध्वी निरंजन, गिरिराज सिंह के बयान और उनके जुबानी हमलों को लेकर तो चुप्पी साधे हैं। दूसरे पर हमले करने से बाज नहीं आ रहे। पहले वे अपना घर संभालें।
उज्ज्वला योजना को लेकर भाजपा अपनी छाती ठोक रही है लेकिन लाभ के असल हकदार तो आज भी वंचित हैं। भाजपा के मंदिर मुद्दे पर कहा कि चुनावी मौसम में वोटों के लिए भाजपा को राम की याद आना कोई नई बात नहीं। लेकिन इस मुद्दे पर वह केंद्र व उत्तर प्रदेश में सरकार बना चुकी, अब जनता को इसका हिसाब क्यों नहीं दे रही। प्रस्तुत है प्रसाद से जयपुर दौरे के दौरान बातचीत के प्रमुख अंश।
चुनावों के समय भाजपा का मंदिर मुद्दा उठाना और जाति-धर्म की राजनीति से मुकाबले को लेकर कांग्रेस ने कोई रणनीति बनाई है?
कांग्रेस की तैयारी की कोई बात नहीं, लेकिन चुनाव आते ही भाजपा को मंदिर मुद्दा याद आता है। यह 1992 से चल रहा है। अभी विस और जल्द लोस चुनाव होने हैं, ऐसे में भाजपा फिर यह मुद्दा लाई है। जबकि इनकी सरकार यूपी और केन्द्र दोनों में हैं। वोट मंदिर के नाम पर लिए, मगर मंदिर निर्माण का काम कुछ नहीं किया। इसका जनता को जवाब नहीं दे पा रहे। इसीलिए इधर-उधर की बातें की जा रही हैं। जनता ने तो पहले ही उन्हें इतना बड़ा बहुमत दे दिया था, फिर क्यों नहीं मंदिर बना? इस पर जनता अब उनके कपड़े फाड़ रही है।
सीपी जोशी के धर्म-जाति के बयान पर राहुल ने खेद प्रकट कराया, लेकिन भाजपा मुद्दा बना रही है?
भाजपा और कांग्रेस में यही फर्क है, कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्विटर पर पार्टी की विचारधारा, सोच और सिद्धांत बताते हुए खेद प्रकट कराया। लेकिन भाजपा के साक्षी महाराज, साध्वी निरजंन, गिरिराज सिंह के बयान भी देख लें। तो उन्हें भी पता लगेगा कि उनके घर में ही क्या बयानों के तीर चल रहे हैं। भाजपा इन पर तो मौन रहती है। दूसरों पर बड़े आक्रामक हमले के लिए तैयार रहते हैं। वे पहले अपने घर में नेताओं की जुबान पर गौर करें।
पेट्रोल-डीजल के मुद्दे को यूपीए सरकार के समय भाजपा ने जिस तरह भुनाया, उसी तरह इस काम में कांग्रेस पीछे रही, क्या आप मानतेहैं?
हम मुद्दे को भुनाने की बात नहीं करते, हम तो करके दिखा चुके हैं। यूपीए सरकार में जब कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे। तब भी जनता के ऊपर बोझ नहींcongress bbc डालकर, वित्त मंत्रालय व पेट्रोलियम मंत्रालय ने खुद बोझ अपने ऊपर लिया। गैस सिलेण्डर की कीमतकम ही रखी गई। आज सब्सिडी और उज्ज्वला योजना की बात कर वाहवाही लूटने के लिए छाती ठोकी जा रही है। जबकि लाभ के असल हकदार तो आज भी इस योजना से वंचित ही हैं।
चर्चा है कि टिकट वितरण के बाद असंतोष के चलते कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है?
कांग्रेस जीत की ओर अग्रसर थी, है और रहेगी। ये अंडर करंट बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत होगी। यह तो भ्रामक प्रचार हो रहा है। भाजपा ऐसा माहौल बनाने में माहिर है।
कांग्रेस सत्ता में लौटी तो, किसान व बेरोजगारों को लेकर क्या योजना है?
राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि सरकार बनने के बाद 10 दिन में कर्जा माफ कर दिया जाएगा। यह बड़ी घोषणा है। कांग्रेस उन पार्टियों में से नहीं है, जो वादा कर मुकर जाए। कर्जा पहले भी माफ किया है और किसानों को अभी भी राहत दी जाएगी।