
Rajasthan Electricity Rates : राजस्थान को इण्डस्ट्रीयल हब बनाने के लिए यहां औद्योगिक जमीन की दर और बिजली की दर कम हो सकती है। राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गुरुवार को विधानसभा में इसके संकेत दिए। उन्होंने रीको प्रतिवेदन पर चर्चा के दौरान कहा कि दूसरे राज्यों से मुकाबले में बने रहने और यहां ज्यादा औद्योगिक इकाइयां लगें, इसके लिए जमीन आवंटन की दर कम होनी चाहिए। बेहतर सुविधाएं देनी होंगी। अन्यथा उद्योगों के दूसरे राज्यों में चले जाने की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारे पास सौर ऊर्जा है, इससे सस्ती बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसका भी फायदा इंडस्ट्री को मिलेगा।
विधायकों ने मामला उठाया कि कई लोग रीको से भूखंड तो आवंटन करा लेते हैं, लेकिन उस पर इंडस्ट्री नहीं लगाते या कुछ साल बाद बंद कर देते। फिर इस जमीन के टुकड़े पर बेच देते हैं। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने रिप्लाई में कहा कि ऐसे आवंटियों पर पेनल्टी लगनी चाहिए।
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1- उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अपने पॉलिटिकल फायदे के लिए रीको के करोड़ों रुपए खर्च किए। यह पैसा चुनाव प्रचार में भी लगाया गया। इसकी तह तक जा रहे हैं।
2-राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 176 औद्योगिक क्षेत्र बनाने की घोषणा की, लेकिन बनाए केवल 31 ही। इसमें भी 1660 आवंटित भूखंड आवंटित किए और गंभीर यह है कि उसमें से भी 43 भूखंड पर ही औद्योगिक उत्पादन शुरू हो पाया है।
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