जयपुर

राजस्थान के किसानों की चमकेगी किस्मत, एक साथ आ गई ये दो Good News

राजस्थान के किसानों के लिए डबल गुड न्यूज़, एक तरफ 2.60 लाख किसानों को मिलेंगे फ्री और सब्सिडी वाले बीज, दूसरी तरफ फसल खराबे का मिला रिकॉर्ड 47 करोड़ का मुआवजा। जानें पूरी रिपोर्ट।

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May 18, 2026
CM Bhajan Lal Sharma with Farmers - File PIC

राजस्थान के कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अंचल से इस समय की सबसे बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि लागत को कम करने और प्राकृतिक आपदाओं के समय उन्हें एक मजबूत सुरक्षा कवच देने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। 17 और 18 मई 2026 को जारी किए गए अलग-अलग सरकारी आदेश प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएंगे।

एक तरफ जहां कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेशभर के किसानों के लिए केंद्रीय बजट की मदद से एक मेगा बीज वितरण योजना का खाका तैयार किया है, तो दूसरी तरफ सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर काना राम के विशेष प्रयासों से फसल खराबे का अब तक का सबसे बड़ा और पारदर्शी मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया गया है।

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गुड न्यूज़ 1:

2.60 लाख किसानों को मिलेंगे मुफ्त बीज

राजस्थान को दालों और खाद्य तेलों के उत्पादन में देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए भजनलाल सरकार ने कमर कस ली है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की 'नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-तिलहन एवं दलहन' योजना के अंतर्गत राजस्थान के लिए 135 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। यह पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इन प्रमुख फसलों के मिलेंगे टॉप क्वालिटी बीज

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के परंपरागत किसानों को बाजार के महंगे और नकली बीजों से बचाना है। विभाग द्वारा चिन्हित किए गए 2 लाख 60 हजार किसानों को आगामी बुवाई सीजन के लिए निम्नलिखित फसलों के प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीज या तो बिल्कुल निःशुल्क (Free) दिए जाएंगे या फिर नाममात्र की अनुदानित (Subsidized) दर पर मिलेंगे:

दलहनी फसलें: मूंग, उड़द और अरहर (दालों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए)।

तिलहनी फसलें: सोयाबीन, सरसों, तिल और अरंडी (खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए)।

70 हजार खेतों पर होगा लाइव प्रदर्शन

कृषि मंत्री ने बताया कि सिर्फ बीज बांटना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाना भी जरूरी है। इसके तहत राज्यभर में 70 हजार फसल प्रदर्शनों का आयोजन कृषि वैज्ञानिकों की देखरेख में किया जाएगा। जिलों के सभी उप-निदेशकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बीज का वितरण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से राज किसान साथी पोर्टल और ग्राम पंचायतों के माध्यम से समय पर सुनिश्चित किया जाए।

गुड न्यूज़ 2:

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बड़ी राहत

किसानों के लिए दूसरी सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सवाई माधोपुर जिले से आ रही है। खरीफ-2025 के सीजन में हुई मूसलाधार बारिश और अतिवृष्टि के कारण जिन किसानों की खून-पसीने की मेहनत से उगाई गई फसलें तबाह हो गई थीं, उन्हें जिला कलेक्टर काना राम के कड़े और सतत निर्देशन में रिकॉर्ड समय में मुआवजा मिल गया है।

51 हजार से अधिक किसानों के खातों में पहुँची राशि

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा के अनुसार, खरीफ 2025 में अतिवृष्टि के कारण जिले में मुख्य रूप से बाजरा, तिल और उड़द की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा था। कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों ने वैज्ञानिक पद्धतियों, फसल कटाई प्रयोगों और ड्रोन सर्वे के जरिए नुकसान का सटीक आकलन किया।

इसके आधार पर कुल 47 करोड़ 33 लाख रुपये की रिकॉर्ड दावा राशि मंजूर की गई। इसमें से अब तक 51 हजार 370 किसानों के बैंक खातों में 46 करोड़ 28 लाख रुपये सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा भी करवाए जा चुके हैं। बाकी बचे किसानों के खातों में भी तकनीकी जांच के बाद जल्द ही राशि ट्रांसफर हो जाएगी।

पिछले साल के मुकाबले इस बार बंपर क्लेम

यह पहली बार है जब जिले में इतनी बड़ी रकम मुआवजे के रूप में स्वीकृत हुई है। आंकड़ों की तुलना करें तो:

खरीफ 2024 में मिला मुआवजा: 35 करोड़ 44 लाख रुपये।

खरीफ 2025 में मिला मुआवजा: 47 करोड़ 33 लाख रुपये।

यह वृद्धि दर्शाती है कि राजस्थान के किसान अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर जागरूक हो रहे हैं और समय पर अपनी फसलों का रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं।

किसानों की जुबानी, फसल बीमा की कहानी

बीमा क्लेम मिलने के बाद स्थानीय किसानों ने अपने बेहद सुखद और संबल देने वाले अनुभव साझा किए हैं, जो अन्य किसानों की भी आंखें खोलने वाले हैं:

किसान मेरवाल सिंह (ग्राम कुश्तला):"मैंने साल 2023 से अपनी फसलों का बीमा करवाना शुरू किया था। इस बार खरीफ में मेरी फसल खराब हुई, तो मैंने 5 हजार 315 रुपये का प्रीमियम जमा करवाया था। इसके बदले मेरे खाते में सरकार और बीमा कंपनी की तरफ से पूरे 1 लाख 81 हजार रुपये की दावा राशि आई है। संकट के समय इस पैसे ने मेरे परिवार को बचा लिया।"

ग्राम खिजूरी के एक अन्य किसान:"मेरे पास 5.5 एकड़ भूमि है। मैंने इस जमीन का फसल बीमा करवाया था और केवल 3 हजार 800 रुपये प्रीमियम के तौर पर दिए थे। अतिवृष्टि से नुकसान होने के बाद मुझे 1 लाख 06 हजार रुपये का मुआवजा मिला है। मैं सभी भाइयों से कहूंगा कि बीमा जरूर करवाएं।"

भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री एवं प्रगतिशील किसान गजानंद जाट ने भी किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपनी सही गिरदावरी करवाएं और फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर दर्ज करवाएं ताकि क्लेम मिलने में कोई तकनीकी रुकावट न आए। उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा से उनकी खुद की उड़द की फसल खराब होने पर उन्हें भी 50 हजार रुपये से अधिक का क्लेम मिला है।

अलर्ट! खरीफ 2026 का नया बीमा नामांकन1 जुलाई से

अगर आप इस बार अपनी फसल का बीमा करवाने से चूक गए थे, तो कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए नया शेड्यूल भी जारी कर दिया है।

नामांकन की अवधि: यह प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक पूरे एक महीने चलेगी।

ऋणी किसान: जिन किसानों ने केसीसी (KCC) या बैंकों से कृषि लोन ले रखा है, उनका बीमा संबंधित बैंक शाखाओं के माध्यम से स्वतः ही कर दिया जाएगा।

गैर-ऋणी किसान: जो किसान बिना लोन के खेती कर रहे हैं, वे राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (PMFBY Portal), अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, सीएससी (CSC) सेंटर या अधिकृत बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सिर्फ 2% प्रीमियम और इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत

योजना के तहत गैर-ऋणी किसानों को अधिसूचित फसल की कुल बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम ही अपनी जेब से जमा करवाना होगा, बाकी का भारी-भरकम हिस्सा सरकार देगी। आवेदन करते समय आपके पास निम्नलिखित वैध दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:

आधार कार्ड (Aadhaar Card)
जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card)
बैंक पासबुक की कॉपी (ताकि पैसा सीधे खाते में आए)
भूमि के दस्तावेज (जमाबंदी/खसरा नंबर)
पटवारी या कृषि पर्यवेक्षक द्वारा जारी बुवाई प्रमाण-पत्र
स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र

जिला कलेक्टर काना राम ने मरुधरा के तमाम किसानों से पुरजोर अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना 1 जुलाई से शुरू हो रहे इस जन अभियान में भाग लें और अपनी फसलों का बीमा करवाकर प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ अपनी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करें।

समृद्ध किसान, समृद्ध राजस्थान

बीज पर ₹135 करोड़ की भारी सब्सिडी और सवाई माधोपुर में ₹47 करोड़ से अधिक का त्वरित मुआवजा वितरण यह साबित करता है कि राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन कागजी दावों से अलग धरातल पर किसानों के हित संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। समय पर उन्नत बीजों की उपलब्धता और फसल खराबे की त्वरित भरपाई से निश्चित रूप से राजस्थान का कृषि क्षेत्र आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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Updated on:
18 May 2026 09:36 am
Published on:
18 May 2026 09:34 am
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