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Rajasthan Politics : कांग्रेस के दो पूर्व ‘खिलाड़ियों’ का रौद्र रूप, BJP सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, देखें VIDEO

राजस्थान कांग्रेस के ''दो पूर्व खिलाड़ियों'' का राजनीति में महा-धमाका, अशोक चांदना ने अफसर को दी धमकी, तो कृष्णा पूनिया ने किसानों के लिए दी गिरफ्तारी। पढ़ें मरुधरा की सबसे गरमागरम सियासी रिपोर्ट।

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Rajasthan Congress Ashok Chandna Krishna Poonia Aggressive Protest Against BJP Govt

Rajasthan Congress Ashok Chandna Krishna Poonia Aggressive Protest Against BJP Govt

राजस्थान में मौसम की गर्माहट के बीच सियासी पारा लगातार सातवें आसमान पर है। इसका सबसे ताजा और जीवंत उदाहरण तब देखने को मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में खेल और युवा मामलों को संभालने वाले दो सबसे कद्दावर नेता- हिंडोली विधायक अशोक चांदना और दिग्गज एथलीट व पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया अचानक अपने-अपने क्षेत्रों में बेहद उग्र रूप में नजर आए।

एक तरफ जहां बूंदी के हिंडोली में अशोक चांदना ने सरकारी अधिकारी को फोन पर औकात याद दिलाने की धमकी दे डाली, वहीं दूसरी तरफ चूरू के सिद्धमुख में कृष्णा पूनिया किसानों के हक के लिए पुलिस के सामने सीना तानकर खड़ी हो गईं।

अशोक चांदना का हाई-वोल्टेज ड्रामा

बूंदी जिले के हिंडोली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री अशोक चांदना का एक नया ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है। हिंडोली नगर पालिका द्वारा एक पट्टे की जमीन को लेकर की गई कार्रवाई और निर्माण कार्य को रोकने से चांदना इस कदर बिफर गए कि उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) जितेंद्र मीणा को फोन पर ही देख लेने की खुली धमकी दे डाली।

दौड़ा-दौड़ा कर मारूंगा : चांदना

"सुनिए, अगर एक पत्थर भी गिरा न वहां से तो आपकी जड़ें खोद दूंगा वहां से... आप तड़पोगे! पैर पकड़ोगे इसके कि माफ कर दो... माफ कर दो...। आप हमें उकसाओ मत फालतू में, अच्छे से काम करो। अब आप समझ लेना इनकी दीवार गिरी तो वो आपके ऊपर ही गिरेगी...। मैं छोड़ूंगा नहीं! जो मेरे कार्यकर्ता को परेशान करेगा मैं उसे दौड़ा-दौड़ा कर मारूंगा ये समझ लो। मुझे बीजेपी वालों से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें पकड़ो या छोड़ो, लेकिन मेरे लोग परेशान नहीं होने चाहिए।"

इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में भारी आक्रोश है, वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस की 'गुंडागर्दी' करार दिया है।

एक्शन पार्ट 2: कृष्णा पूनिया का 'महा-संग्राम'

चूरू जिले के सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सिद्धमुख कृषि मंडी में नजारा बिल्कुल अलग लेकिन उतना ही आक्रामक था। यहाँ किसानों की चने की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चल रही तुलाई में भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार, तौल में गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ पिछले दो दिनों से किसान लगातार कड़कड़ाती धूप में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि क्रय-विक्रय सहकारी समिति के चेयरमैन और मंडी के भ्रष्ट अधिकारी मिलकर उनके पैसों का गबन कर रहे हैं। इस आंदोलन को धार देने के लिए जब पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया मंडी पहुँचीं, तो पुलिस प्रशासन के रवैये को देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा।

पहली FIR मेरे ऊपर करो : पूनिया

कृष्णा पूनिया को जब पता चला कि पुलिस प्रशासन किसानों की शिकायत पर भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के बजाय उल्टा सोशल मीडिया की खबरों को आधार बनाकर संबंधित विभाग के ही अधिकारियों से एक काउंटर-अपील लेकर मामले को रफा-दफा करने और किसानों को अंधेरे में रखने का प्रयास कर रहा है, तो वे सीधे पुलिस अधिकारियों से भिड़ गईं।

पूनिया ने दहाड़ते हुए कहा, "मैं मेरे किसान भाइयों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने दूंगी। अगर इस जन-आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस को कोई दमनकारी कार्रवाई करनी है या किसानों पर झूठी एफआईआर दर्ज करनी है, तो सबसे पहले वो एफआईआर मेरे ऊपर करो! मुझे गिरफ्तार करो, मेरे किसानों को हाथ भी लगाया तो राजस्थान में बड़ा चक्काजाम और उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।"

विपक्ष में भी तेवर जस के तस

अशोक चांदना और कृष्णा पूनिया दोनों का बैकग्राउंड स्पोर्ट्स का रहा है। चांदना जहां पोलो के बेहतरीन खिलाड़ी हैं, वहीं पूनिया पद्मश्री और खेल रत्न से सम्मानित इंटरनेशनल डिस्कस थ्रोअर रही हैं।

मैदान की आक्रामकता राजनीति में: खेल के मैदान की वही आक्रामकता और 'नेवर गिव अप' वाला एटीट्यूड इन दोनों के राजनीतिक जीवन में भी साफ झलकता है।

सत्ता बदलने पर भी बेखौफ: राजस्थान में भले ही अब भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार काम कर रही हो, लेकिन ये दोनों नेता यह साफ संदेश दे रहे हैं कि वे विपक्ष में रहकर भी बैकफुट पर जाने वाले नहीं हैं। वे अपने-अपने विधानसभा और गृह क्षेत्रों में लगातार एक्टिव हैं और जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस का 'पॉवर शो'

अशोक चांदना का यह वायरल धमकी भरा अंदाज और कृष्णा पूनिया का किसान-प्रेम यह साबित करता है कि राजस्थान कांग्रेस के युवा और जमीनी नेता अब पूरी तरह से आक्रामक मोड में आ चुके हैं। जहां एक तरफ चांदना के बयान पर कानूनी पचड़ा खड़ा हो सकता है, वहीं दूसरी तरफ पूनिया के इस कदम से शेखावाटी के किसान पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में लामबंद होते दिख रहे हैं। कुल मिलाकर, मरुधरा की राजनीति में आने वाले दिन बेहद दिलचस्प और हंगामेदार होने वाले हैं।