
सीएम भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़। फाइल फोटो - ANI
Rajya Sabha Elections : भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप की शनिवार को हुई बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर मंथन किया गया। बैठक में उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को अधिकृत किया गया। दोनों नेता प्रत्येक सीट के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजेंगे, जहां अंतिम निर्णय होगा। राजनीतिक तौर पर यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि जून में राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही है।
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ कांग्रेस को घेरने की रणनीति भी बनाई गई। भाजपा ने तय किया कि नीट पेपरलीक मामले में कांग्रेस के आरोपों का आक्रामक जवाब दिया जाएगा। नेताओं ने दावा किया कि पेपरलीक की शुरुआत नासिक से हुई और इसका राजस्थान सरकार से कोई संबंध नहीं है। साथ ही रीट परीक्षा प्रकरण को फिर उठाकर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेने की तैयारी की गई।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी भाजपा ने जवाबी रणनीति बनाई। बैठक में कहा गया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में सीमित बढ़ोतरी हुई, जबकि कई देशों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिए यह संदेश जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में ग्राम चौपाल, ग्राम रथ यात्रा और पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण अभियान की समीक्षा भी की गई। भाजपा नेतृत्व ने दावा किया कि इन अभियानों के जरिए सरकार और संगठन गांवों तक अपनी पहुंच मजबूत कर रहे हैं। जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए संगठन और सरकार स्तर पर कार्ययोजना बनाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भागीरथ चौधरी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा, राजेंद्र राठौड़, अशोक परनामी और अरुण चतुर्वेदी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पारिवारिक कारणों से शामिल नहीं हो सकीं। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सीपी जोशी, सतीश पूनिया और अलका गुर्जर वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि भूपेंद्र यादव कनेक्टिविटी समस्या के कारण शामिल नहीं हो पाए।
1- नीट पेपरलीक मामले में जवाबी अभियान।
2- रीट परीक्षा प्रकरण को फिर उठाने की तैयारी।
3- पेट्रोल-डीजल कीमतों पर वैश्विक संकट का हवाला।
4- सोशल मीडिया के जरिए आक्रामक प्रचार रणनीति।
राजेंद्र गहलोत (भाजपा)
रवनीत सिंह बिट्टू (भाजपा)
नीरज डांगी (कांग्रेस)।
Published on:
17 May 2026 09:01 am
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