जयपुर

राजस्थान केंद्रित सवालों से टूटा पेपर लीक का जाल; पेपर लीक गैंग बेनकाब, प्रिंटिंग प्रेस के 4 कर्मचारी रडार पर

Forest Guard Paper Leak: जयपुर। राजस्थान में पहली बार ऐसे संगठित पेपर लीक गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों के पैटर्न के आधार पर ही परीक्षा और राज्य का चयन किया। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की जांच में सामने आया कि इस बार पेपर लीक करने वाले प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने सेंध लगाकर पेपर गिरोह तक पहुंचाया।
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Dec 27, 2025
गिरफ्तार आरोपी खिलान सिंह और जबराराम जाट, पत्रिका फोटो
गिरफ्तार आरोपी खिलान सिंह और जबराराम जाट, पत्रिका फोटो

Forest Guard Paper Leak: जयपुर। राजस्थान में पहली बार ऐसे संगठित पेपर लीक गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों के पैटर्न के आधार पर ही परीक्षा और राज्य का चयन किया। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की जांच में सामने आया कि इस बार पेपर लीक करने वाले प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने सेंध लगाकर पेपर गिरोह तक पहुंचाया। वनपाल भर्ती परीक्षा में जब राजस्थान से जुड़े सवालों की संख्या अधिक व बार कोड की जानकारी मिली तो गिरोह ने इसी परीक्षा को निशाना बनाया।

राजस्थान से जुड़े सवाल, गिरोह से संपर्क साधा

जांच में खुलासा हुआ कि मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में वनपाल भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र छापा जा रहा था। इसी दौरान प्रेस से जुड़े कर्मचारियों ने बारकोड, पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति के आधार पर पेपर राजस्थान में आयोजित होने वाली वनपाल भर्ती परीक्षा को होने की जानकारी जुटाई। इसके बाद कर्मचारियों ने राजस्थान में पेपर लीक से जुड़े गिरोह से संपर्क साधा और 25 लाख रुपए में सौदा तय कर पेपर लीक किया। एसओजी इस मामले में अब तक 41 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें परीक्षा से पहले नकल करने वाले अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि चयनित होकर वनपाल पद पर पदस्थ हो चुके कर्मचारी भी शामिल हैं।

मास्टरमाइंड गिरफ्त में आने के बाद खुलीं परतें

हाल ही में दिसंबर में एसओजी ने बाड़मेर के रामजी का गोल स्थित नहर कॉलोनी निवासी सरगना जबराराम जाट को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उसने मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित गोविंदपुरा क्षेत्र की रूचि प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र खरीदा था। यह पेपर प्रेस से जुड़े और बेल कंपनी में कार्यरत भोपाल के हुजूर निवासी खिलान सिंह उर्फ केडी डान ने उसे उपलब्ध कराया। एसओजी ने खिलान सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है।

खिलान सिंह ने पूछताछ में प्रिंटिंग प्रेस के चार अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर की है। उसने बताया कि एक कर्मचारी ने जबराराम से सौदा तय किया, जबकि अन्य ने पेपर बाहर पहुंचाने में मदद की। खिलान सिंह की गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपी कर्मचारी भूमिगत हो गए हैं। उनकी तलाश में एसओजी की टीमें मध्यप्रदेश के विभिन्न इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं।

एसओजी एडीजे ये बोले

अब तक गिरोह परीक्षा से पहले या परीक्षा केंद्रों के आसपास पेपर हासिल करने के प्रयास करता था, लेकिन वनपाल भर्ती परीक्षा में पहली बार प्रिंटिंग प्रेस स्तर से ही पेपर लीक किया गया। राजस्थान से जुड़े सवाल अधिक होने व बार कोड की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने गिरोह से संपर्क किया। कर्मचारियों की तलाश जारी है।
बिशाल बंसल, एडीजी, एसओजी राजस्थान

Published on:
27 Dec 2025 09:49 am