
जयपुर. घाट की गुणी का वैभव लौटाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दिए, लेकिन दो साल बाद ही गुणी के फसाड़ वर्क में सीलन आ गई, जगह-जगह दीवार काली पड़ गई। सड़क पर गड्ढे हो रहे हैं, कुछ जगहों पर सड़क उधड़ गई है। सीमेंट की सड़क पर डामर से गड्ढे भरने से गुणी ऊबड़ खाबड़ हो गई। नाली का निर्माण भी किया गया, फिर भी गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। गुणी लोगों के लिए परेशानी की राह बन कर रह गई।
एक-दो साल पहले ही पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने घाट की गूणी में संरक्षण व जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपए खर्च किए, इसमें गुणी में फसाड़ वर्क कराने के साथ नाली निर्माण और छतरियों को ठीक करवाने का काम किया गया। इसके बाद भी गुणी का वैभव नहीं लौट पाया है। पिछले साल ही गुणी में पाइप लाइन डाली गई थी, लाइन डालने के बाद सड़क मरम्मत भी मनमर्जी से की गई, जिससे गुणी में पुरानी सड़क नीचे और जहां से मरम्मत की गई, वह ऊंची हो गई।
सबसे अधिक परेशानी फतेहकुंज बिहारीजी मंदिर के सामने से शुरू होती है, जहां सड़क पर ही गंदगी के ढेर नजर आए। विद्याधरजी के बाग से सिसोदिया रानी के बाग तक गुणी का फसाड़ वर्क खराब हो गया है। दीवार काली पड़ गई है। एक ओर नाली निर्माण होने के बाद भी सड़क पर पानी बहता है, जिससे दीवारों पर सीलन आ रही है।
गुणी में फुटपाथ पर ठेले वालों ने अतिक्रमण कर रखा है, सिसोदिया रानी के बाग के पास सड़क पर अस्थायी दुकानें हैं, जिससे आवागमन के लिए लोगों को रास्ता कम मिल रहा है। पीक आवर्स में कई बार जाम जैसे हालात हो जाते हैं।
लोगों की परेशानी…
गुणी में गड्ढे हो रहे हैं, जिनमें गंदा पानी भरा रहता है। दोपहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है। इससे दुर्घटना होने का डर बना रहता है।
- महेश शर्मा, वाहन चालक
Published on:
16 Feb 2026 11:48 am
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