
अमन जोरवाल और सौरभ कुमार मीणा। फोटो: पत्रिका
जयपुर। वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 में पेपर लीक के मामले में एसओजी ने कार्रवाई करते हुए जेडीए के लेखाकार अमन जोरवाल और वनरक्षक सौरभ कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि 13 नवंबर 2022 को कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से आयोजित वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 में पेपर लीक के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी और 50 हजार के इनामी जबराराम जाट से पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिली।
जांच में सामने आया कि टोडाभीम निवासी अमन जोरवाल पुत्र हरलाल मीणा, हाल निवासी सी-18 महावीर नगर विस्तार कॉलोनी, करतारपुरा (जयपुर) ने अपने किराए के मकान पर अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ाया था। डीआइजी परिस देशमुख ने बताया कि अमन जोरवाल वर्तमान में जयपुर विकास प्राधिकरण में लेखाकार प्रथम श्रेणी के पद पर कार्यरत है। उसे 17 दिसंबर को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि उसने प्रथम पारी के दो और द्वितीय पारी के दो अभ्यर्थियों को लालसोट रोड क्षेत्र में पेपर पढ़ाया।
इसके अलावा दो अन्य अभ्यर्थियों, जिनमें अमन का साला सौरभ कुमार मीणा भी है, द्वितीय पारी का सॉल्वड पेपर उसके किराए के मकान पर पढ़ा। पेपर पढ़ाने के बदले अमन जोरवाल ने कुल 9.50 लाख रुपए वसूले। इस मामले में 21 दिसंबर को सौरभ कुमार मीणा को भी गिरफ्तार किया गया। सौरभ मूलत: साथा, महुवा का रहने वाला है और वर्तमान में चौकी बोदल नाका, गुढ़ा रेंज, सवाई माधोपुर में वनरक्षक के पद पर तैनात है।
मुख्य आरोपी जबराराम जाट ने भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से 23 लाख रुपए में पेपर खरीद था। जिसे कई ग्रुपों में बेचकर 1.50 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की थी। जबराराम बाड़मेर के सरकारी स्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत था। जिसे बाद में बर्खास्त कर दिया गया था। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर चुराने वाले खिलान सिंह उर्फ केडी डॉन को भी एसओजी ने दबोच लिया है।
Updated on:
23 Dec 2025 07:24 am
Published on:
23 Dec 2025 07:24 am
