
जयपुर। सामान्य वर्ग की मेधावी छात्राओं के लिए सरकार ने स्कूटी देने की योजना तो शुरू की, लेकिन उसका प्रचार—प्रसार नहीं होने से करीब साढ़े 24 प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी नहीं मिल सकी। शैक्षणिक सत्र 2016—17 की स्कूटी अभी तक छात्राओं को नहीं मिली हैं। अब शिक्षा विभाग ने इन छात्राओं से एक बार फिर आवेदन मांगे हैं। शिक्षा विभाग ने इन छात्राओं को एक और मौका दिया है, जिससे इन्हे स्कूटी मिल सके। अब निदेशालय बीकानेर ने सभी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों से इन छात्राओं को स्कूटी देने के लिए 10 जून तक एक बार फिर आवेदन मांगे हैं। इन आवेदन पत्रों की जांच कर 15 जून तक निदेशालय भेजने हैं।
400 में से 98 को नहीं मिली स्कूटी
गौरतलब है कि आर्थिक पिछड़ा वर्ग की मेधावी छात्राओं को प्रदेशभर में 400 स्कूटियां वितरित की जानी थी, जिनमें से 98 छात्राओं की स्कूटी अभी तक वितरित नहीं हुई हैं। सिर्फ 302 छात्राओं को ही स्कूटी स्वीकृत की गई हैं। अब शिक्षा विभाग इन्हें वितरित करने के लिए चेता है। विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में इसकी विज्ञप्ति चस्पा करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को पाबंद किया है कि वे अपने से संबंधित सभी स्कूलों को भी स्कूटी वितरण योजना की जानकारी दें और जो भी पात्र छात्राएं इस योजना से वंचित रह गई हैं उनसे आवेदन कराएं।
नहीं किया आवेदन
आर्थिक पिछड़ा वर्ग के सामान्य वर्ग की मेधावी छात्राओं ने स्कूटी के लिए आवेदन ही नहीं किया, जिसकी वजह से उन्हें स्कूटी नहीं मिल सकी, वहीं संस्था प्रधानों ने भी इसमें रुचि नहीं दिखाई। इसें प्रवेशिका की 2, 12 वीं कला वर्ग की 25, वाणिज्य वर्ग की 65 और वरिष्ठ उपाध्याय वर्ग की 6 छात्राएं शामिल हैं।
इन्हें मिलती है स्कूटी
आर्थिक पिछड़ा वर्ग के सामान्य वर्ग की ऐसी छात्राएं जिनके परिवार की सकल वार्षिक आय ढाई लाख से कम हो तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थानअजमेर द्वारा शैक्षणिक वर्ष में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हों। वे ही इस योजना के लिए पात्र हैं।