
राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर से प्रतिबंध हटे पूरे 17 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को अब भी अपनी मनचाही पोस्टिंग वाली तबादला सूची का बेसब्री से इंतजार है। प्रशासनिक गलियारों और सरकारी महकमों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि प्रधानमंत्री के पचपदरा रिफाइनरी लोकार्पण के व्यस्त कार्यक्रम के चलते भजनलाल सरकार ने अब तक तबादला सूचियां जारी करने से परहेज किया था। अब चूंकि यह बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, इसलिए आज सोमवार, 6 July से राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में तबादला सूचियां जारी होने का सिलसिला तेजी से शुरू होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
राज्य सरकार ने करीब 1.5 साल के लंबे अंतराल के बाद सरकारी महकमों में तबादलों पर लगी रोक को हटाया है। खास बात यह है कि इस बार कर्मचारियों को सबसे लंबी अवधि के लिए तबादले की राहत दी गई है।
पूर्व में जारी आदेश के अनुसार, प्रशासनिक सुधार विभाग ने पहले 19 June से 5 July तक ही तबादलों की अनुमति दी थी, लेकिन कर्मचारियों की मांग और जनप्रतिनिधियों के दबाव को देखते हुए 3 July को एक नया संशोधित आदेश जारी कर इसकी अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 July 2026 कर दिया गया। इस प्रकार अब कुल 22 दिन तक तबादलों की यह बड़ी प्रक्रिया जारी रहेगी।
पिछले 1 पखवाड़े से राजस्थान के सभी प्रमुख सरकारी विभागों में तबादलों को लेकर लगातार मंथन, राजनीतिक सिफारिशों और जोड़-तोड़ का दौर अपने चरम पर पहुंच चुका है। इसका सीधा असर सरकारी दफ्तरों के नियमित कामकाज पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जिससे कई विभागों में प्रशासनिक गति काफी सुस्त पड़ गई है।
केवल मुख्य सरकारी विभागों के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि विभिन्न निगमों, बोर्डों, सरकारी मंडलों और स्वायत्तशासी संस्थानों के कार्मिक भी अपने पसंदीदा जिलों में जाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। जनप्रतिनिधियों के आवासों पर रोज सुबह से ही बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिजन फाइलों के साथ पहुंच रहे हैं।
तबादला चाहने वाले कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण प्रांतीय राजधानी जयपुर को लेकर है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जितने लोग जयपुर में नई पोस्टिंग की मांग लेकर आ रहे हैं, लगभग उतने ही कर्मचारी अपनी मौजूदा जयपुर की पोस्टिंग को बचाने के लिए मंत्रियों से गुहार लगा रहे हैं।
अत्यधिक दबाव को देखते हुए कई मंत्री और आला अधिकारी साफ शब्दों में कर्मचारियों से कह रहे हैं कि वे जयपुर के अलावा अन्य जिलों के विकल्प बताएं। लंबे समय से जयपुर में जमे अधिकारियों के स्थानांतरण और नई नियुक्तियों को लेकर इस समय ट्रांसफर पॉलिसी में सबसे भारी पेच फंसा हुआ है।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा से लेकर कनिष्ठ लिपिकों तक, जिन विभागों में इस समय तबादले का सबसे अधिक दबाव देखने को मिल रहा है, उनकी सूची इस प्रकार है:
शिक्षा और पुलिस विभाग: सबसे ज्यादा कर्मचारी इन्हीं दो विभागों में ट्रांसफर के लिए प्रयासरत हैं।
विद्युत और जलदाय विभाग: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी व्यवस्थाओं से जुड़े इन विभागों में बड़ी फेरबदल तय है।
राजस्व, कृषि और परिवहन विभाग: फील्ड पोस्टिंग वाले इन विभागों में भी सचिवालय स्तर पर सूचियां लगभग तैयार हो चुकी हैं।
वित्त विभाग: बजट और प्रशासनिक तालमेल के लिए इस विभाग में भी बड़े स्तर पर अधिकारियों की सूची पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 3 बार अलग-अलग अवधियों के लिए तबादलों से बैन हटाया गया है:
पहली बार (10 से 22 February 2024): सरकार बनने के तुरंत बाद सभी विभागों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थानों में सीमित समय के लिए तबादले खोले गए थे।
दूसरी बार (1 से 15 January 2025): इस अवधि में अधिकांश विभागों में तबादले हुए थे, लेकिन शिक्षा विभाग जैसे बड़े सेक्टरों में तब भी प्रतिबंध जारी रहा था।
तीसरी बार (19 June से 10 July 2026): यह अब तक की सबसे लंबी अवधि है, जिसमें पहले फेज की समयसीमा को बढ़ाकर 10 July कर दिया गया है ताकि पारदर्शी तरीके से सूचियां फाइनल की जा सकें।
तबादलों की समयसीमा 5 दिन और बढ़ने के साथ ही राजस्थान ऊर्जा विभाग ने अपनी आंतरिक तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग ने अपने सभी अधीनस्थ कार्यालयों और बिजली कंपनियों से अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदा तैनाती, उनका अब तक का कुल कार्यकाल और रिक्त पदों का विस्तृत ब्योरा एक तय फॉर्मेट में मांगा है। इसके तहत लंबे समय से एक ही डिस्कॉम या एक ही जिले में जमे अधिकारियों की अलग से लिस्टिंग की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इस पूरी प्रक्रिया पर बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण की यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और न्यायसंगत होगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भारी बारिश और गर्मियों के इस मौसम में बिजली उत्पादन , प्रसारण और वितरण का कार्य किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो। हर ग्रिड और कार्यालय में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता को ध्यान में रखकर ही सोमवार से फाइनल सूचियां जारी की जाएंगी।