
जयपुर। सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा ( solar park in rajasthan ) देने के लिए नई पॉलिसी लागू होने के बाद राजस्थान में बड़ी कंपनियों को लाने पर काम शुरू हो गया है। नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) राजस्थान में 925 मेगावॉट क्षमता का सोलर पार्क विकसित करेगा। राजस्थान में भड़ला के बाद दूसरा बड़ा सोलर पार्क नोखा में स्थापित किया जाएगा। इसका एमओयू आज गुरुवार को होगा। इस पर चार हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसमें से 3500 करोड़ रुपए का निवेश एनटीपीसी करेगी, जबकि राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम 500 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसमें भूमि लागत और विकास का खर्च शामिल है। यह पहला प्रोजेक्ट है, जो अनुबंध से पहले संबंधित कंपनी के बोर्ड से स्वीकृत हो चुका है, जबकि ज्यादातर प्रोजेक्ट में एमओयू के बाद स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होती रही है। रिलायंस कंपनी भी यहां सोलर पार्क विकसित करने की जरूरत जता चुकी है। इसके लिए कंपनी के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले हैं।
थर्मल से कितना प्रदूषण
परंपरागत संयंत्र से बिजली उत्पादन न केवल महंगा है, बल्कि इससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है। एक किलो कोयले से 2.5 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है, लेकिन इसके साथ कॉर्बन डाइ ऑक्साइड, सल्फर, कॉर्बन मोनो ऑक्साइड सहित अन्य गैस निकलती हैं।
462 करोड़ मिलेंगे
सोलर पार्क 1865 हैक्टेयर भूमि पर विकसित होगा। इसके लिए एनटीपीसी को विकास शुल्क के रूप में 2 लाख रुपए प्रति मेगावॉट हर साल देने होंंगे, जो सलाना 18.50 करोड़ रुपए होंगे। यह राशि 25 साल तक ली जाएगी, जो करीब 462 करोड़ रुपए होगी। एनटीपीसी से अक्षय ऊर्जा निगम पांच सौ करोड़ रुपए की निवेश राशि भी टुकड़ों में लेगा।
राजस्थान में सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन
पवन ऊर्जा प्लांट से हर दिन 150 लाख यूनिट बिजली उत्पादन।
2500 मेगावाट उत्पादन क्षमता के प्लांट संचालित।
सौर ऊर्जा प्लांट से हर दिन 225 लाख यूनिट बिजली उत्पादन।
4400 मेगावाट उत्पादन क्षमता के प्लांट संचालित।
थर्मल पॉवर प्लांट के जरिए 2200 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति।
नई सोलर नीति के तहत राजस्थान में ज्यादा से ज्यााद सौर ऊर्जा पार्क विकसित करने का काम तेज किया है। कई बड़ी कंपनियों से बात चल रही है। एनटीपीसी के साथ 925 मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क के लिए एमओयू कर रहे हैं।
अजिताभ शर्मा, ऊर्जा सचिव , अध्यक्ष, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम