विधानसभा में प्रश्नकाल के प्रति नजर नहीं आई गम्भीरता
जयपुर. विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान सरकार के आधे मंत्री मौजूद नहीं थे। इनमें संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेशचंद मीना, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, ममता भूपेश सहित लगभग 12 मंत्री शामिल हैं। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी इस दौरान सदन में नहीं थे।
गौरतलब है कि खान मंत्री प्रमोद जैन भाया अस्वस्थ होने के कारण पहले से अनुपस्थित हैं। सदन में विधायकों की गैर मौजूदगी पर दो दिन पहले ही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने चिंता जताई थी। साथ ही इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी सदन में उपस्थिति को जरूरी बताया था। जोशी ने कहा था कि अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए सभी की उपस्थिति आवश्यक है। पांडे और जोशी, दोनों की ही चिंता का सोमवार को सदन में कोई असर नजर नहीं आया। जोशी खुद ही प्रश्नकाल के दौरान सदन में नहीं थे।
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कल्ला भी अन्त में पहुंचे
ऊर्जा एवं जलदाय मंत्री बीडी कल्ला प्रश्नकाल समाप्त होने से महज 5 मिनट पहले सुबह 11.55 बजे सदन में पहुंचे। खेल मंत्री अशोक चांदना और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह भी प्रश्नकाल के अंतिम 15 मिनट के दौरान सदन में नहीं थे। जो मंत्री मौजूद नहीं थे, उनके विभागों के सवाल भी प्रश्नकाल में लगे हुए थे। ऐसे में उनके जवाब अन्य मंत्रियों ने दिए। कुछ सवाल स्थगित भी किए गए।