
जयपुर. कोरोना काल के दौरान चरमराए पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ी रियायत दी है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सरकार ने पर्यटन को भी इसमें शामिल कर लिया है। साथ ही पर्यटन क्षेत्र में पांच करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए कैश और ब्याज सब्सिडी देने की घोषणा की है।
सरकार के आदेश के अनुसार पांच करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाले उद्यम को प्लांट और मशीनरी पर हुए खर्च की 20 प्रतिशत राशि नकद सब्सिडी के तौर पर दी जाएगी। यह सब्सिडी अधिकतम 25 लाख रुपए तक की सीमा तक मिलेेगी। सरकार ने उद्यमियों को ब्याज सब्सिडी के तौर पर इसका विकल्प भी दिया है। उद्यमी कैपिटल सब्सिडी के विकल्प के तौर पर ब्याज में रियायत ले सकते हैं। इसके लिए पांच साल की अवधि तक टर्म लोन के पेटे चुकाए जाने वाले ब्याज पर 5 प्रतिशत की रियायत इन्टरेस्ट सब्सिडी के तौर पर दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
कोरोना काल में प्रभावित उद्योगों को आर्थिक पैकेज का लाभ देने के लिए सरकार ने वरिष्ठ आईएएस सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। इस समिति ने जून में सौंपी अपनी अंतरिम रिपोर्ट में पर्यटन को थ्रस्ट सेक्टर में शामिल करने की सिफारिश की थी।