राजधानी जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में गंभीर हार्ट अटैक मरीज को केवल गोली देकर लौटाने और निजी अस्पताल भेजने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। आधा दर्जन ईसीजी तकनीशियन हटाए गए और जांच कमेटी गठित की गई। चिकित्सकों और अन्य कार्मिकों की भूमिका की भी पड़ताल होगी।
जयपुर: गंभीर हार्ट अटैक के मरीज को बिना पूरा उपचार किए केवल गोली देकर लौटा देने के मामले में सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। एसएमएस इमरजेंसी में तैनात करीब आधा दर्जन ईसीजी तकनीशियनों को हटाया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मरीजों को निजी अस्पताल भेजने में कुछ तकनीशियनों की भूमिका रही, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल के लिए कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. दिनेश गौतम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है।
यह कमेटी तकनीशियनों के साथ-साथ चिकित्सकों और अन्य कार्मिकों की भूमिका की भी जांच करेगी। राजस्थान पत्रिका के मंगलवार के अंक में ‘गोली’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया और पूरे स्टॉफ को इमरजेंसी से हटाने की कार्रवाई की।
यह भी सामने आया है कि इमरजेंसी में पिछले एक सप्ताह के भीतर तीन मरीजों को निजी अस्पताल भेजने की शिकायतें मिल चुकी थीं। पत्रिका में मामला उजागर होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी में पूछताछ की तो दो अन्य मामले भी सामने आए।