जयपुर

राजस्थान के ‘महा-घोटाले’ पर ‘महा-कार्रवाई’, ‘सुबह-सुबह’ कई ठिकानों पर ACB RAID, इस सीनियर IAS पर भी कसा शिकंजा

राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अल सुबह ACB की दर्जनों टीमों ने जयपुर, बाड़मेर, सीकर, जालोर सहित देशभर के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
2 min read
Feb 17, 2026
rajasthan ACB

राजस्थान में 'हर घर नल' पहुँचाने की योजना में 'हर घर भ्रष्टाचार' के आरोपों की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार तड़के एक साथ जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, जालोर, बिहार और झारखंड में दबिश दी। ब्यूरो के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह छापेमारी रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल और इस घोटाले से जुड़े करीब 15 अन्य आरोपियों के ठिकानों पर चल रही है।

सीनियर IAS सुबोध अग्रवाल से पूछताछ

राजस्थान के सबसे ताकतवर नौकरशाहों में शुमार रहे सुबोध अग्रवाल के रिटायरमेंट के कुछ ही समय बाद ACB ने उन पर शिकंजा कसा है। सूत्रों के अनुसार, ACB की टीम सुबोध अग्रवाल के आवास पर दस्तावेजों को खंगाल रही है और उनसे टेंडर आवंटन की प्रक्रिया को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।

उन पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर चहेती कंपनियों को करोड़ों के टेंडर बांटे गए।

Retd IAS Subodh Agrawal

... और कौन-कौन शिकंजे में?

ACB DG गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई में अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। हिरासत में लिए गए प्रमुख नामों में शामिल हैं:

  • केडी गुप्ता, निरिल कुमार, सुशील शर्मा
  • डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना
  • दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित और अरुण श्रीवास्तव

इन सभी से अलग-अलग केंद्रों पर पूछताछ की जा रही है और माना जा रहा है कि शाम तक इनमें से कई की औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई जा सकती है।

Jal Jeevan Mission - Demo Pic

'ऑपरेशन क्लीन': 15 ठिकानों पर टीमें तैनात

बड़ी बात ये है कि ये कार्रवाई केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। ACB की टीमों ने बिहार और झारखंड में भी छापेमारी की है, जहाँ इस घोटाले से जुड़ी कंपनियों के तार जुड़े होने की आशंका है।

  • SIT का नेतृत्व: इस पूरी कार्रवाई का सुपरविजन DIG डॉ. रामेश्वर सिंह और SP पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ (जो JJM जांच कमेटी SIT के अध्यक्ष भी हैं) कर रहे हैं।
  • बरामदगी: छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य, डायरियां और बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जाने की खबर है।

₹900 करोड़ का 'गंदा खेल'

बता दें कि जल जीवन मिशन घोटाला करीब ₹900 करोड़ से अधिक का माना जा रहा है।

  • फर्जीवाड़ा: इसमें 'गणपति ट्यूबवेल' और 'श्याम ट्यूबवेल' जैसी कंपनियों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर काम हासिल किया।
  • पुरानी गिरफ्तारियां: इससे पहले पूर्व मंत्री महेश जोशी और कई इंजीनियर इस मामले में जेल की हवा खा चुके हैं। आज की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सरकार अब इस घोटाले की 'बड़ी मछलियों' को छोड़ने के मूड में नहीं है।
Updated on:
17 Feb 2026 10:15 am
Published on:
17 Feb 2026 10:00 am
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