जयपुर

राजस्थान में पंचायत-निकाय से पहले ‘छुट्टी के दिन’ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल- कई अफसर इधर-उधर, आखिर क्या है भजनलाल सरकार का मकसद?

Rajasthan Local Body Elections 2026 : राजस्थान पंचायत और निकाय चुनाव से ठीक पहले स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने 41 अधिकारियों के तबादले और APO के आदेश जारी किए। जानिए इसके पीछे का सियासी समीकरण।
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Aug 17, 2026
Rajasthan Local Body Election 2026 DLB Transfer List 41 Officers APO
Rajasthan CM Bhajan Lal Sharma - File PIC

राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचलें अपने चरम पर पहुँच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों और आचार संहिता लागू होने की संभावनाओं के बीच स्वायत्त शासन विभाग (DLB), जयपुर ने रविवार 16 अगस्त 2026 की छुट्टी के दिन एक बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए राजस्थान नगर पालिका सेवा के 41 वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के अचानक तबादले और पदस्थापन कर दिए हैं, जिसमें सीकर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और भीलवाड़ा जैसे बड़े नगर निगमों व नगर परिषदों के आयुक्तों समेत 13 अधिकारियों को सीधे पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में निदेशालय जयपुर भेज दिया गया है। राज्य के प्रशासनिक गलियारों और विपक्षी खेमों के बीच निकाय चुनाव से ठीक पहले की जा रही इस बड़ी प्रशासनिक फील्डिंग को मुख्य चर्चा में ला दिया है।

छुट्टी के दिन आदेश, राज्य निर्वाचन आयोग के पत्र का हवाला

स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश ने अचानक से प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। इस आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि यह कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के पत्र की पालना और प्रशासनिक कारणों से राज्यहित में तुरंत प्रभाव से की गई है।

इस सूची की मुख्य बातें:

आयुक्तों पर गाज: सीकर नगर परिषद के वरिष्ठ आयुक्त शशिकान्त शर्मा, हनुमानगढ़ आयुक्त सुरेन्द्र यादव, जैसलमेर आयुक्त लजपाल सिंह और भीलवाड़ा नगर निगम आयुक्त हेमाराम को उनके पदों से हटाकर तुरंत प्रभाव से APO कर निदेशालय जयपुर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।

जयपुर नगर निगम में बदलाव: जयपुर नगर निगम में पदस्थापित उपायुक्त कविता चौधरी को भी APO किया गया है, जबकि जयपुर में तैनात राजस्व अधिकारी-द्वितीय अभिषेक शर्मा को नगर पालिका टांटोटी में अधिशाषी अधिकारी (EO) के पद पर भेजा गया है।

लंबी APO सूची से नई तैनातियाँ: पूर्व में APO चल रहे कई अधिकारियों को चुनाव से ठीक पहले नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें अनिता पहाड़िया को उदयपुर नगर निगम में राजस्व अधिकारी-प्रथम, सीमा चौधरी को टोंक में सचिव और पूजा शर्मा को किशनगढ़बास में EO के पद पर पोस्टिंग दी गई है।

तबादला सूची में किसे कहाँ भेजा गया?

स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों के वर्तमान पदस्थापन और नए पदस्थापन की पूरी विधिक स्थिति इस प्रकार है:

क्र.अधिकारी का नामपदवर्तमान पदस्थापननया पदस्थापन
1शशिकान्त शर्मावरिष्ठ आयुक्तआयुक्त, नगर परिषद सीकरAPO निदेशालय
2सुरेन्द्र यादवआयुक्तआयुक्त, नगर परिषद हनुमानगढ़APO निदेशालय
3लजपाल सिंहआयुक्तआयुक्त, नगर परिषद जैसलमेरAPO निदेशालय
4हेमारामआयुक्तआयुक्त, नगर निगम भीलवाड़ाAPO निदेशालय
5कविता चौधरीआयुक्तउपायुक्त, नगर निगम जयपुरAPO निदेशालय
6अनिता पहाड़ियाआयुक्तAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी-प्रथम, नगर निगम उदयपुर
7राकेश कुमार शर्माEO-द्वितीयAPO निदेशालयसचिव, नगर परिषद झुन्झुनू
8भगवत सिंहEO-द्वितीयआयुक्त, नगर परिषद बाड़मेरAPO निदेशालय
9सीमा चौधरीEO-द्वितीयAPO निदेशालयसचिव, नगर परिषद टोंक
10श्याम बिहारीEO-तृतीयअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका बसेड़ीAPO निदेशालय
11नरेश कुमार राठौड़EO-तृतीयAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम उदयपुर
12पूजा शर्माEO-तृतीयAPO निदेशालयअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका किशनगढ़बास
13विनयपालEO-तृतीयनगर पालिका खुडाला फालनाअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका बाली (पाली)
14कंचन राठौड़EO-तृतीयनगर पालिका घड़सानाAPO निदेशालय
15हरिनारायण यादवEO-तृतीयAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद किशनगढ़
16विष्णु यादवEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद टोंक
17अलताफ बानोEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद हनुमानगढ़
18लोकेन्द्र सिंह शेखावतEO-चतुर्थअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका मंडावाAPO निदेशालय
19मीनाक्षीEO-चतुर्थराजस्व अधिकारी, नगर निगम जोधपुरअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका सरवाड़
20कानाराम मीणाEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम उदयपुर
21रवीन्द्र धनखडEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम बीकानेर
22संगीता जैनEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद टोंक
23अमीषा मुक्कड़EO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम अलवर
24बृजेश कुमार मीणाEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद सवाई माधोपुर
25पुष्पेन्द्र पाल्डियाEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद ब्यावर
26अनिता कुमारीEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम भरतपुर
27राजेश कुमार मीणाEO-चतुर्थAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम भीलवाड़ा
28वर्षा चौधरीRO-द्वितीयअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका पिलानीअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका मंडावा
29अभिषेक शर्माRO-द्वितीयराजस्व अधिकारी, नगर निगम जयपुरअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका टांटोटी
30रविन्द्र सिंह पालRO-द्वितीयराजस्व अधिकारी, नगर निगम पालीअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका केकड़ी
31सुरेश कुमार चौहानRO-द्वितीयAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद चूरू
32रीना खण्डेलवालRO-द्वितीयAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर निगम कोटा
33हिमांशु अग्रवालRO-प्रथमAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद कोटपूतली
34बृजेश कुमार सोनीRO-प्रथमAPO निदेशालयसचिव, नगर परिषद श्रीगंगानगर
35सरोज पारीकRO-प्रथमAPO निदेशालयसचिव, नगर परिषद किशनगढ़
36मनीष पारीकROAPO निदेशालयसचिव, नगर परिषद हनुमानगढ़
37प्रीतम बिंवालकर निर्धारकAPO निदेशालयकर निर्धारक, नगर निगम जयपुर
38परमवीर दुलारकर निर्धारकAPO निदेशालयराजस्व अधिकारी, नगर परिषद बाड़मेर
39कुलदीपकर निर्धारकAPO निदेशालयकर निर्धारक, नगर निगम भीलवाड़ा
40हनुमान शर्मासहायक लेखाधिकारी-प्रथमअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका टोडाभीमAPO निदेशालय
41पूनम सिंह जाटवराजस्व निरीक्षकअधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका सूरौठAPO निदेशालय

कुल अधिकारी/कर्मचारी: 41

तबादले करने की जरूरत क्यों?

चुनाव की घोषणा से ठीक पहले होने वाले प्रशासनिक फेरबदल हमेशा से ही राज्य की राजनीति में बड़े सवाल खड़े करते हैं। 16 अगस्त को जारी इस तबादला सूची के पीछे दो बड़ी वजह मानी जा रही हैं।

चुनाव आयोग की गाइडलाइंस और प्रशासनिक कसावट

वरिष्ठ पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का 3 साल से अधिक एक ही स्थान पर टिके रहना या गृह जिलों में तैनात रहना वर्जित होता है। 21 जुलाई 2026 के निर्वाचन आयोग के पत्र के संदर्भ में यह तबादले प्रशासनिक अनिवार्यता का हिस्सा हैं।

आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी अधिकारी का तबादला आयोग की अनुमति के बिना संभव नहीं होता, इसलिए सरकार ने आचार संहिता के लागू होने से ठीक पहले सभी लंबित और प्रस्तावित तबादलों को अंतिम रूप दे दिया है ताकि चुनाव प्रक्रिया में कोई प्रशासनिक बाधा न आए।

सियासी संतुलन और पसंदीदा अधिकारियों की तैनाती

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत और निकाय चुनाव सीधे धरातल के मतदाताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से जुड़े होते हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ दल हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहता है कि महत्वपूर्ण निकायों, नगर परिषदों और नगर निगमों में उनके अनुकूल या प्रभावशाली अधिकारी तैनात रहें।

APO करने की रणनीति: 13 अधिकारियों को अचानक APO कर जयपुर निदेशालय भेजना यह दर्शाता है कि स्थानीय विधायकों, मंत्रियों या स्थानीय समीकरणों के आधार पर कुछ अधिकारियों के कामकाज से सरकार संतुष्ट नहीं थी।

संवेदनशील क्षेत्रों में नई नियुक्तियां: बाड़मेर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, टोंक और किशनगढ़ जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में नए सचिवों, राजस्व अधिकारियों और EO की तैनाती करके चुनावी फील्डिंग को मजबूत किया गया है।

पुराने APO अधिकारियों को समायोजन: लंबे समय से APO चल रहे अधिकारियों को चुनाव से ठीक पहले महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपना भी स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक पकड़ को मजबूत करने का एक प्रयास माना जा रहा है।

Updated on:
17 Aug 2026 09:11 am
Published on:
17 Aug 2026 09:11 am
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