जयपुर

Rajasthan Weather: क्या राजस्थान में अगस्त में होगी झमाझम बारिश, जानिए मौसम विभाग का क्या कहना है

Rajasthan Monsoon Update: मौसम विभाग की मानें तो राजस्थान में अगस्त माह में भी अच्छे मानसून सीजन के संकेत कम हैं। मानसून की सुस्त चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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Aug 01, 2026
Rajasthan Rain
बारां जिले में हुई बारिश का फोटो: पत्रिका

Rajasthan Rain Forecast: मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर में देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, अल नीनो का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून को कमजोर कर सकता है। इससे पहले आईएमडी ने जुलाई के लिए भी अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा का अनुमान जताया था। हालांकि जुलाई में अनुमान के विपरीत कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

जुलाई में राजस्थान में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। कमजोर मानूसन का असर बांधों पर भी दिख रहा है। प्रदेश के बांध मानसून सीजन में भी रीते हैं। मौसम विभाग की मानें तो राजस्थान में अगस्त और सितंबर दोनों माह में भी अच्छे मानसून सीजन के संकेत कम हैं। इस बार मानसून ने 2 जुलाई को राजस्थान में प्रवेश किया था।

मानसून की सुस्त चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई माह समाप्त होने के बावजूद प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अच्छी बारिश नहीं हुई है। मानसून के लगातार बदलते मिजाज और असमान बारिश के कारण खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष कोटपूतली-बहरोड़ जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है। सबसे अधिक रकबे में बाजरे की खेती की गई है। इसके अलावा मूंग, उड़द, ग्वार, तिल, मक्का सहित अन्य खरीफ फसलें की भी अच्छी बुवाई हुई है।

शुरुआती दौर में हुई हल्की और मध्यम बारिश से फसलों की बढ़वार अच्छी रही, लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से नियमित वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में नमी की कमी महसूस होने लगी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ की अधिकांश फसलें पूरी तरह मानसून पर निर्भर होती हैं। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त और नियमित बारिश नहीं होती है तो फसलों की बढ़वार प्रभावित होने के साथ-साथ उत्पादन में भी गिरावट आ सकती है। लगातार नमी की

कृषि विभाग की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बनाए रखने के लिए अनावश्यक जुताई से बचें, वर्षा जल संरक्षण के उपाय अपनाएं तथा फसलों की नियमित निगरानी करते रहें। विभाग का कहना है कि यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होती है तो फसलों की स्थिति में तेजी से सुधार आ सकता है।

इनका कहना है

खरीफ फसलों के लिए मानसून की वर्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। यदि आने वाले समय में नियमित रूप से अच्छी वर्षा नहीं होती है तो इसका सीधा असर फसलों की पैदावार पर पड़ सकता है।

  • डॉ. सौरभ गर्ग, सहायक निदेशक कृषि विस्तार कार्यालय बहरोड़
Updated on:
01 Aug 2026 05:50 pm
Published on:
01 Aug 2026 05:49 pm