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Mayor Election In Rajasthan: आज दल-बल की परीक्षा, 3 जिलों में कांग्रेस को टेंशन, उदयपुर-अलवर में BJP की राह आसान

Rajasthan Civic Body Election: राजस्थान के 273 निकायों में कुर्सी पर कौन काबिज होगा, इसका फैसला आज हो जाएगा। 305 में से 32 निकायों में प्रमुख निर्विरोध चुने जा चुके हैं। प्रदेश के सभी दस नगर निगमों में बोर्ड बनाने को भाजपा ने प्रतिष्ठा का सवाल बना रखा है।
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Congress V/S BJP

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जयपुर। राजस्थान के 273 निकायों में कुर्सी पर कौन काबिज होगा, इसका फैसला आज हो जाएगा। 305 में से 32 निकायों में प्रमुख निर्विरोध चुने जा चुके हैं। प्रदेश के सभी दस नगर निगमों में बोर्ड बनाने को भाजपा ने प्रतिष्ठा का सवाल बना रखा है। जयपुर, उदयपुर, कोटा और भीलवाड़ा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत है, जबकि बीकानेर में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है। इसके बावजूद कांग्रेस क्रॉस वोटिंग से डर रही है। अजमेर और जोधपुर में भी सियासी गणित उलझा हुआ है।

तीन निगम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सियासी प्रतिष्ठा भी दांव पर है। जोधपुर गहलोत का गृह जिला है। बीकानेर में कांग्रेस की और से नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री बीडी कल्ला गहलोत के करीबी है। अजमेर में पार्षदों को संभाल रहे आरडीटीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ भी उनके नजदीकी है। अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के सामने भी बोर्ड बनाने की चुनौती है।

अजमेर: गहलोत से मिले कांग्रेसी पार्षद

कांग्रेस के कर्नाटक किलेबंदी में भेजे गए पार्षद रविवार शाम को जयपुर लौटे और पार्षदों ने धर्मेन्द्र राठौड़ के साथ सिविल लाइंस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके आवास पर मुलाकात की। गहलोत के दखल से ही पार्षदों को बाड़ाबंदी में कर्नाटक में रखी गई। भाजपा के पक्ष में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, संभाग चुनाव प्रभारी अरुण चतुर्वेदी, विधायक अनिता भदेल और शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी की प्रतिष्ठा जुड़ी है।

पाली: कांग्रेस में अपनों की खेमेबंदी से बेचैनी

यहां कांग्रेस की बगावत ने पूरा गणित बदल दिया है। कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन, भाजपा की नमिता बुबकिया और कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरी राजबाला हिंगड़ के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है। कुल 65 वार्डों में कांग्रेस 29 और भाजपा 21 सीटें जीत सकी। 15 निर्दलीय जीते हैं। हिंगड़ के निर्दलीय मैदान में डटे रहने से कांग्रेस के सामने चुनौती विपक्ष से ज्यादा अपने ही खेमे से खड़ी हो गई है। कांग्रेस में किलेबंदी के बीच खेमेबंदी की चर्चा भी तेज है।

बीकानेर : बहुमत… फिर भी धड़कनें तेज

80 सीट में 42 पार्षदों के साथ कांग्रेस बहुमत में है। भाजपा के 27, निर्दलीय 10 और आरएलपी का एक पार्षद है। भाजपा के लिए बहुमत जुटाना कड़ी चुनौती है। कांग्रेस के सामने अपने वोट सुरक्षित रखने की चुनौती है। भाजपा खेमे को कांग्रेस के भीतर संभावित मतभेद को लेकर क्रॉस वोटिंग की उम्मीद है। यह चुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. बीडी कल्ला और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।