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Rajasthan News: दिल्ली के बाद अब राजस्थान सरकार की सख्ती, दिवाली से ऐन पहले पटाखे चलाने का वक्त तय- गाइडलाइंस जारी

Rajasthan Crackers Guidelines 2026: दिल्ली के बाद राजस्थान सरकार ने दिवाली पर पटाखे चलाने के लिए जारी किए सख्त दिशा-निर्देश। एनसीआर के 6 जिलों में केवल ग्रीन पटाखे, समय सीमा और 300 मीटर साइलेंस जोन तय।
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Updated: 4 Nov 2026, 10:26 AM IST
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Rajasthan Government Crackers guidelines for Diwali

दिल्ली के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी दीपावली पर्व के दौरान वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने, पर्यावरण संरक्षण और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की शासन सचिव श्रीमती शैलजा देवल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले राजस्थान के सभी 6 जिलों के लिए पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग को लेकर विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दी हैं।

सरकार के इन नए आदेशों के तहत राजस्थान के एनसीआर जिलों में पारंपरिक पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और पटाखे चलाने के लिए केवल निश्चित समय सीमा (टाइमिंग) तय की गई है।

इन 6 जिलों में लागू होंगी सख्त पाबंदियां

राजस्थान के एनसीआर में शामिल निम्नलिखित जिलों में यह विशेष गाइडलाइंस तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं:

अलवर

भरतपुर

दौसा

डीग

खैरथल-तिजारा

कोटपूतली-बहरोड़

पटाखे चलाने की टाइमिंग और छूट का शेड्यूल

सरकार ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखों के उपयोग पर तिथियों और समय का बेहद सख्त शेड्यूल तय किया है:

6 नवंबर 2026 तक: पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा।

7 और 8 नवंबर 2026 (दीपावली छूट का समय): केवल 2 दिनों के लिए ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी।

सुबह की समय सीमा: प्रातः 6:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक (केवल 1 घंटा)

रात की समय सीमा: रात्रि 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक (केवल 2 घंटे)

9 नवंबर 2026 से आगे: 2 दिवसीय छूट खत्म होते ही पटाखों पर पुनः पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी हो जाएगा।

300 मीटर का 'साइलेंस जोन' घोषित, इन जगहों पर प्रतिबंध

आमजन और मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक व जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और सभी शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) के आसपास के क्षेत्रों को साइलेंस जोन घोषित किया गया है। इन सभी संवेदनशील संस्थानों की 300 मीटर की परिधि (दायरे) के भीतर किसी भी प्रकार के पटाखे चलाने की सख्त मनाही होगी।

QR कोड वाले ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे, ऑनलाइन डिलीवरी और लड़ियों पर बैन

अवैध और नकली पटाखों की रोकथाम के लिए सरकार ने बिक्री प्रणाली को काफी सख्त कर दिया है:

QR कोड अनिवार्य: केवल वही CSIR-NEERI प्रमाणित ग्रीन पटाखे बिक सकेंगे, जिनकी पैकेजिंग पर प्रामाणिक 'उत्पाद-विशिष्ट QR कोड' छपा होगा। क्यूआर कोड से निर्माता, PESO लाइसेंस और NEERI सर्टिफिकेशन की पुष्टि होगी।

लड़ियों और बेरियम पर पूर्ण बैन: श्रृंखला में जुड़े पटाखों (लड़ियों/मालाओं) और बेरियम युक्त पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर 100% प्रतिबंध रहेगा।

ऑनलाइन बिक्री पर रोक: Amazon, Flipkart या अन्य ई-कॉमर्स व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए पटाखों की ऑनलाइन डिलीवरी और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

चेकिंग के लिए गश्ती दल तैनात, उल्लंघन पर होगी सख्त जेल व जब्ती

पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों, निर्माताओं या नागरिकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी:

दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर वाहनों की जांच के लिए विशेष पुलिस गश्ती दल बनाए गए हैं ताकि पारंपरिक या अवैध पटाखे राजस्थान की सीमा में न आ सकें।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB), पुलिस, स्थानीय निकाय और जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण और दैनिक रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

Updated on:
4 Nov 2026, 10:26 AM IST
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