ब्रांड एंबेसडर हटाए जाने के बाद बलदेव गेरा ने कहा कि मैं पर्यावरण के लिए काम करता रहूंगा।
Jaipur News : जयपुर. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेता बलदेव गेरा को पर्यावरण का ब्रांड एंबेसडर बनाने पर राजस्थान में बवाल मच गया। विवाद बढ़ता देख शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गेरा के नाम से जारी पत्र को निरस्त कर दिया है। दरअसल, 19 जुलाई को कांग्रेसी कार्यकर्ता बलदेव गेरा को गहरी फाउंडेशन अध्यक्ष के रूप में प्रयावरण ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। इस फैसले का विरोध होते ही शिक्षा मंत्री ने पूर्व में जारी अपने आदेश को निरस्त कर दिया। गेरा की नियुक्ति को लेकर जैसे ही लोगों को खबर मिली, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भाजपा की क्लास लगानी शुरू कर दी। लोगों ने कमेंट करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास शायद कार्यकर्ता नहीं बचे इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ता को ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। फजीहत होती देख सरकार को आदेश निरस्त करना पड़ा।
19 जुलाई को जारी हुआ था लेटर
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (Madan Dilawar) ने 19 जुलाई को गेरा को पर्यावरण ब्रांड एंबेसडर बनाने का लेटर जारी कर दिया। लेकिन उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद ही विरोध शुरू हो गया था। सरकार के संज्ञान में आने के बाद दिलावर ने 23 जुलाई को गेरा की नियुक्ति को लेकर जारी लेटर को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया।
काम करता रहूंगा
हालांकि, ब्रांड एंबेसडर हटाए जाने के बाद बलदेव गेरा ने कहा कि मैं पर्यावरण के लिए काम करता रहूंगा। उन्होंने आगे कहा कि भले ही उन्हें पर्यावरण का ब्रांड एंबेसडर बनाया जाए या नहीं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं बस पर्यावरण के लिए काम करता रहूंगा। उल्लेखनीय है कि गेरा 2008 में यूपीए सरकार में ग्रामीण बैंकों की बनी हुई कमेटी में डायरेक्टर भी रहे हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पूर्व विधायक मलखान सिंह बिश्नोई के बेहद करीबी हैं।