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2 साल में भरी तिजोरी, 3 साल में राजस्थान बनेगा अग्रणी: राज्यपाल के अभिभाषण पर बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय वित्तीय कुप्रबंधन ने ऐसा हाल कर दिया था कि खजाना खाली, योजनाएं अधूरी और भरोसा टूटा हुआ था। पिछली सरकार ने हमें विरासत में 5 लाख 79 हजार 781 करोड़ रूपये का कर्ज दिया था।

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जयपुर

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Kamal Mishra

Feb 05, 2026

Bhajanlal budget

विधानसभा में बोलते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए अपनी सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल को 'स्थिरता, सुधार और जनकल्याण' का दौर बताया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से प्रदेश का खजाना खाली मिला था, लेकिन वर्तमान सरकार ने न केवल अर्थव्यवस्था को स्थिर किया, बल्कि उसे गति और दिशा भी दी। पहली बार सरकार ने अपने दो साल की उपलब्धियों का विस्तृत दस्तावेज सदन के पटल पर रखा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन सिद्धांत- उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आकांक्षाएं पूरी करना और 'सबका साथ, सबका विकास' को अपनी सरकार की मूल दिशा बताते हुए कहा कि किसान कल्याण, गरीब उत्थान, महिला सशक्तीकरण और युवाओं के रोजगार पर विशेष काम हुआ है।

खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून और 20 करोड़ पौधे

शर्मा ने खेजड़ी को राजस्थान का 'कल्पवृक्ष' बताते हुए इसे बचाने के लिए विशेष कानून लाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए और पांच साल में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।

देश चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था, जो अब 4.18 ट्रिलियन डॉलर के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गया है और दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया।

प्रदेश का राजस्व घाटा कम हुआ

उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने 5.79 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ा था, लेकिन उनकी सरकार ने दो साल में राजस्व घाटा लगभग 8 हजार करोड़ घटाया। 'डबल इंजन सरकार' में राजस्थान को दो साल में 19 हजार करोड़ से अधिक की केंद्रीय पूंजीगत निवेश सहायता मिली और 2024-25 में 30,700 करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय हुआ। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में राज्य को 90,445 करोड़ मिलने का अनुमान है।

जल परियोजनाएं और सिंचाई

रामजल सेतु परियोजना के तहत नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध में जल संग्रहण शुरू हो चुका है। यमुना जल समझौते की डीपीआर अंतिम चरण में है। गंगनहर के आधुनिकीकरण के लिए 1,717 करोड़ और इंदिरा गांधी नहर के लिए 4,731 करोड़ के काम शुरू हुए हैं। दो वर्षों में 99,562 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई सुविधा दी गई।

14 लाख नए नल कनेक्शन

जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया है। 14 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए हैं।

किसान और बिजली सुधार

दो साल में किसान सम्मान निधि 1.5 गुना बढ़ाकर 10,508 करोड़ सीधे खातों में भेजे गए। 48,325 करोड़ के ब्याज मुक्त फसली ऋण दिए गए और 6,415 करोड़ के फसल बीमा दावे बांटे गए। 2 लाख से अधिक नए कृषि बिजली कनेक्शन दिए गए और 48,591 करोड़ की बिजली सब्सिडी दी गई।

रोजगार और पेपरलीक कार्रवाई

पेपरलीक मामलों में 140 एफआईआर दर्ज कर 428 आरोपियों को जेल भेजा गया। एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई और 1.55 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। निजी क्षेत्र में दो लाख नए रोजगार सृजित हुए।

अपराध में कमी

एनसीआरबी के अनुसार 2025 में अपराधों में 14.13% कमी आई। एससी/एसटी अत्याचार मामलों में 28% और महिला अपराधों में 10% गिरावट दर्ज हुई।

महिला कल्याण और गैस सब्सिडी

एक करोड़ परिवारों को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिल रहा है। पालनहार योजना से 6.15 लाख परिवार जुड़े हैं और 16 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बनीं। मातृ वंदना योजना में 10.26 लाख माताओं को 536 करोड़ दिए गए।

गरीब कल्याण और आवास

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में 73.46 लाख नए लाभार्थी जोड़े गए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 1.08 लाख घर दिए गए। स्कूलों के 66 लाख बच्चों को 478 करोड़ की सहायता मिली।

स्वास्थ्य सुरक्षा- मां योजना

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में 1.36 करोड़ परिवार कवर हुए। दो साल में 37.53 लाख मरीजों को 7,645 करोड़ का कैशलेस इलाज मिला और 30 हजार अस्पताल जुड़े।

उद्योग और ऊर्जा

34 नई औद्योगिक नीतियां जारी की गईं। राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए, जिनमें 8 लाख करोड़ धरातल पर उतर चुके हैं। सौर ऊर्जा क्षमता में 19,209 मेगावाट की वृद्धि हुई और कोयला आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

सड़क, बिजली और सिंचाई में तेज प्रगति

दो साल में 16,430 किमी सड़कें बनीं (पिछली सरकार के पांच साल में 13,160 किमी)। बिजली उत्पादन क्षमता में 7,395 मेगावाट वृद्धि हुई और खेतों में 3.44 करोड़ मीटर तारबंदी की गई।

आगे का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा और सरकार हर साल जनता के सामने 'रिपोर्ट कार्ड' रखेगी।