जयपुर

जयपुर की सड़कों का हुआ बुरा हाल, अब एक्शन में भजनलाल सरकार, इन ठेकेदारों को लगा बड़ा झटका

Rajasthan News: शुरुआती आकलन के अनुसार शहरों में करीब 5000 किलोमीटर की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और पेचवर्क, सुदृढीकरण के लिए करीब 2250 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

2 min read
Sep 22, 2024

Rajasthan News: प्रदेश के शहरों में ऐसी कई किलोमीटर सड़कें भी बदहाल हो गईं जो एक से दो साल पहले ही बनाई गईं। निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने की शिकायतें मंत्री तक पहुंची है। ऐसी सड़कें जो 30 प्रतिशत से ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई, अब उनकी अनुबंधित फर्मों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। ये फर्म सड़क निर्माण, सुदृढीकरण के कार्य में भागीदारी नहीं कर पाएंगी।

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने सभी नगरीय निकाय, नगर विकास न्यास और विकास प्राधिकरणों से ऐसी सड़कों की सूची मांगी है। ये सड़कें अभी डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी यानी अनुबंधित फर्म द्वारा ठीक करने की मियाद) में है, जिन्हें सुधारने की जिम्मेदारी अनुबंधित फर्म की ही है। सरकार के निर्देश से उन ठेकेदारों को झटका लगा है, जो क्षतिग्रस्त सड़कों को सुधारने से बच रहे थे। पहले जयपुर शहर के लिए यह निर्देश दिए गए थे। गौरतलब है कि शुरुआती आकलन के अनुसार शहरों में करीब 5000 किलोमीटर की सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और पेचवर्क, सुदृढीकरण के लिए करीब 2250 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

बारिश का बहाना

सड़क निर्माण के बाद सुधार करने की मियाद निर्धारित है। यह डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) 2 से 5 साल तक का होता है। पिछले दिनों ठेकेदार ऐसी कई सड़कों को डीएलपी से बाहर निकलवाने के लिए सक्रिय हुए। इसके पीछे तर्क दे रहे हैं कि इस बार ज्यादा बारिश होने के कारण सड़कें ज्यादा बदहाल हुई हैं। हालांकि, कई सड़कें ऐसी भी हैं जो पूरी तरह सुरक्षित हैं।

बोर्ड के जरिए होगी पहचान

डीएलपी में जो भी सड़कें हैं, वहां बोर्ड लगाए जा रहे हैं। बोर्ड पर अनुबंधित कंपनी का नाम, मोबाइल नम्बर, निर्माण तिथि और डीएलपी की मियाद लिखी जा रही है, ताकि आमजन को पता रहे कि इसे ठीक करने की जिम्मेदारी किसकी है। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी बार-बार अधिकारियों से पूछने की जरूरत नहीं होगी।

Also Read
View All

अगली खबर