जयपुर से मदीना पहुंचे हज यात्रियों के एक जत्थे को परेशानियों का सामना करना पड़ा। थके हुए हाजी जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं समेत बच्चे भी थे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलालुद्दीन खान, टोंक। राजस्थान के टोंक जिले से हज पर जाने वाले हज यात्रियों को मदीना में बनी हुई टोंक की रुबात (भवन) में नहीं ठहराए जाने की शिकायतें मिली है। हज यात्रियों को टोंक से जारी किए गए रुबात के इजाजतनामें को मदीना में बनी रुबात के जिम्मेदारों ने अमान्य करार दे दिया।
गौरतलब है कि हज यात्रियों की उड़ान का समय जयपुर के सांगानेर एयरपोर्ट से गत 23 मई को 3 बजकर 55 मिनट पर था। ये हज यात्री मध्य रात मदीना में टोंक की अपनी रुबातों में पहुंचे। जैसे ही बस रुबात पहुंची और उनके कागजात जांचें गए तो उनके इजाजतनामों को मानने से इनकार कर दिया। थके हुए हाजी जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं समेत बच्चे भी थे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हज यात्रियों के परिजन ने इजाजतनामें को दिखाकर रुबातों में ठहराने वाले जिम्मेदारों को और वहां के मौजूदा प्रशासनिक लोगों को समझाने की बहुत कोशिश की। लेकिन उन्होंने इजाजतनामें खारिज कर दिए।
हज यात्रियों ने वहां अपना आक्रोश और विरोध भी जताया। थके हारे और नींद से परेशान हाजियों को काफी मशक्कत के बाद रुबात को छोडक़र किसी अन्य होटल में ठहराया गया। टोंक जिले से इस बार 165 हज यात्री गए हैं।
'मुंबई हज कमेटी के निर्देश पर इजाजतनामें जारी किए थे। मुंबई हज कमेटी और सऊदी अरब सरकार के बीच आपसी समन्वय में कमी रही है।'- राहिल अली, टोंक रुबात अथॉरिटी
रुबातों में ठहरने और नहीं ठहरने को लेकर ना तो कोई जानकारी दी जाती है और न ही संपर्क किया जाता है। फिर भी मैं अपनी तरफ इस मामले में पूरी कोशिश करूंगा। - अमीन कागजी, चेयरमैन, राजस्थान हज कमेटी