राजमार्ग पर 75 मीटर के दायरे में निर्माण हटाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है।
कोटपूतली। राजमार्ग पर 75 मीटर के दायरे में निर्माण हटाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। विरोध में कोटपूतली कस्बे में राजमार्ग पर सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों ने नगर परिषद पार्क में सभा कर आदेश पर विरोध जताया।
हाईवे संघर्ष समिति के संयोजक अशोक कुमार बंसल ने बताया कि व्यापारी पार्क से रैली के रूप में रवाना होकर नारेबाजी करते हुए बुधवार को जिला कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां सुरक्षा के चलते मुख्य द्वार बंद कर पुलिस ने व्यापारियों को बाहर रोक दिया।
बाद में एक प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर प्रियंका गोस्वामी को ज्ञापन दिया। व्यापारियों ने ज्ञापन में बताया कि राजमार्ग के दोनों ओर स्थित अनेक व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां लोगों की जीवनभर की जमा-पूंजी से बनी हैं।
बड़ी संख्या में छोटे व्यापारी, किरायेदार और दुकानदार वर्षों से यहां व्यवसाय कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। व्यापारियों ने राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर आदेश पर स्थगन लाने, 18 नवंबर 2021 के नोटिफिकेशन की समीक्षा या निरस्तीकरण पर विचार करने तथा संभावित कार्रवाई की स्थिति में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
साथ ही व्यावसायिक भूमि के लिए डीएलसी दर से 15 गुना, आवासीय भूमि के लिए 10 गुना और कृषि भूमि के लिए 5 गुना मुआवजा देने तथा लंबे समय से किरायेदार के रूप में व्यवसाय कर रहे लोगों को भी राहत देने की मांग उठाई गई।
जिला कलक्टर ने सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा इस मामले में कोई भी कार्रवाई पारदर्शिता के साथ की जाएगी। विरोध प्रदर्शन के बाद भी शहर में मुद्दे को लेकर चर्चाएं जारी हैं और व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इससे पहले नगर परिषद पार्क में मोजीराम गुर्जर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने आदेश को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इस ओदश से प्रदेश में राजमार्ग पर बसे लोगों के समक्ष आजीविका संकट हो जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि प्रभावित लोगों ने विधिक अनुमति व भू रूपान्तरण के बाद ही निर्माण कराया है।
इसलिए नियंत्रण लाइन में किसी भी तरह का निर्माण हटाने से अनेक लोग बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएंगे। सभा में पावटा के व्यापारी भी शामिल हुए। इस मौके पर समिति के संयोजक अशोक कुमार बंसल, मैथिलीशरण बंसल, पूर्व विधायक रामचन्द्र रावत, हरीराम सैनी, जगदीश मीणा, रामनिवास यादव, सुगन भाई, भीम पटेल, बाबूलाल कसाना, प्रकाशचंद सैनी, भीखाराम सैनी, प्रभा अग्रवाल व हीरालाल सैनी ने विचार व्यक्त किए। संचालन जीतू चौधरी ने किया।