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Rajasthan News : पंचायत चुनाव से पहले सरकार खोलेगी ‘सौगातों का पिटारा’, आचार संहिता से पहले होंगे करोड़ों के लोकार्पण-शिलान्यास!

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की आचार संहिता से पहले गांवों में शिलान्यास और लोकार्पण की होड़। 17-18 सितंबर को आरक्षण लॉटरी के बाद जारी होगा चुनावी कार्यक्रम।
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Sep 13, 2026
rajasthan panchayat chunav inauguration spree before model code of conduct
Rajasthan CM Bhajan Lal Sharma - File PIC

राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी चुनावों की आहट के साथ ही प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार चुनावी मैदान में उतरने से ठीक पहले गांवों में चल रहे विकास कार्यों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा और आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों से उन तमाम विकास परियोजनाओं का विस्तृत ब्योरा तलब किया है, जिनका लोकार्पण या शिलान्यास किया जा सकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और आयोजना विभाग के सख्त निर्देशों के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) को अपने-अपने क्षेत्रों से पात्र विकास कार्यों की सूची तत्काल प्रभाव से भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।

इस पूरी कवायद को पंचायत चुनाव 2026 से पहले सरकार के कामकाज को ग्रामीण जनता के बीच सीधे एक मजबूत राजनीतिक एजेंडे के रूप में पेश करने की योजना के तौर पर देखा जा रहा है। जिला स्तर से प्राप्त होने वाली सूचियों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किन-किन नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा और किन पूरी हो चुकी योजनाओं का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों द्वारा कराया जाएगा। हालांकि, विवादों से बचने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं ताकि केवल वास्तविक और नियमसंगत परियोजनाओं के ही फीते काटे जा सकें।

तारीखों के ऐलान के बाद आचार संहिता

पंचायतीराज चुनावों के प्रशासनिक टाइमलाइन की बात करें तो 17 सितंबर 2026 को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके अगले ही दिन यानी 18 सितंबर 2026 को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

आरक्षण प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य निर्वाचन आयोग किसी भी समय पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद किसी भी नई योजना की घोषणा या लोकार्पण-शिलान्यास पर पूर्ण रूप से रोक लग जाएगी। इसी समय सीमा को ध्यान में रखते हुए सरकार आचार संहिता से पहले सभी स्वीकृत कामों के उद्घाटन संपन्न कराना चाहती है।

लोकार्पण-शिलान्यास के लिए सख्त प्रशासनिक शर्तें!

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला परिषदों को भेजे गए प्रारूप में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि किसी भी ऐसे कार्य को सूची में शामिल न किया जाए जिससे चुनावी माहौल में विवाद पैदा हो-

लोकार्पण के लिए शर्त: संबंधित विकास कार्य 100 प्रतिशत पूरा होना अनिवार्य है। साथ ही कार्य की पूर्णता तिथि वर्तमान सरकार के कार्यकाल की ही होनी चाहिए।

शिलान्यास के लिए शर्त: शिलान्यास की सूची में केवल उन्हीं कार्यों को शामिल किया जाएगा जिनका पूर्व में कभी शिलान्यास न हुआ हो।

कार्यादेश जरूरी: केवल प्रशासनिक स्वीकृति मिलने भर से काम का शिलान्यास नहीं होगा। सक्षम स्तर से वित्तीय स्वीकृति के बाद कार्यादेश जारी होना भी अनिवार्य किया गया है।

तैयार हो रही है विकास कार्यों की लिस्ट

सरकार के आदेश मिलते ही जिला प्रशासनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है:

सीकर जिला: जिला प्रशासन ने 21 प्रमुख विकास कार्यों की सूची तैयार की है, जिनमें से 17 कार्य केवल शिलान्यास से जुड़े हैं।

उदयपुर जिला: गोगुंदा में 'अटल पथ' का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके साथ ही उदयपुर की 8 विधानसभाओं में 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' के बचे हुए शिलान्यास के काम पूरे किए जाएंगे।

बालोतरा जिला: जिला परिषद के तहत कई नए परिसरों और ग्रामीण सड़कों के लोकार्पण कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं।

अर्थव्यवस्था और राजनीति पर पड़ेगा सीधा असर

गांवों में अचानक शुरू हुई लोकार्पण और शिलान्यास की इस होड़ से ग्रामीण जनता के बीच जहां एक तरफ लंबे समय से अटके पड़े विकास कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद जागी है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय नेताओं और भावी प्रत्याशियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है।

पंचायतीराज चुनाव 2026 में अपनी साख मजबूत करने के लिए सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों ही इन विकास कार्यों के ब्योरे पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। 17 और 18 सितंबर की आरक्षण लॉटरी के बाद प्रदेश का चुनावी तापमान और अधिक बढ़ने के पूरे आसार हैं।

Updated on:
13 Sept 2026 09:57 am
Published on:
13 Sept 2026 09:56 am