
Rajasthan Panchayat and Nikay Elections : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनावों में देरी को लेकर आम जनता और नेताओं में बैचनी बढ़ रही है। सब में उत्सुकता है कि सरकार चुनाव कब कराएगी। राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से 31 जुलाई की समय सीमा तय की गई थी, अब मात्र 17 दिन शेष रह गए हैं। कांग्रेस नेता एवं याचिकाकर्ता संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर आज राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ सुनवाई करेगी। जिसमें आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट के 31 जुलाई तक चुनाव कराने संबंधी आदेश का पालन नहीं किया है जो अवमानना की श्रेणी में आता है।
वहीं राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कराने की समय सीमा निर्धारित करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया गया है। इस प्रार्थना पत्र में नवंबर तक चुनाव नहीं करा पाने के कारण बताए गए हैं।
राजस्थान सरकार की दायर अर्जी में कहा गया है कि प्रदेश में करीब 50 फीसदी आबादी ओबीसी वर्ग की है। ऐसे में उचित आरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है। ओबीसी आयोग ने 14 अगस्त, 2026 तक राजनीतिक आरक्षण रिपोर्ट पेश करने की सूचना दी है। ऐसे में सरकार विभिन्न श्रेणियों के आरक्षण का विवरण 31 अगस्त तक उपलब्ध करा सकेगी।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने गत 6 जुलाई को पत्र के जरिए सूचित किया है कि यदि आरक्षण का विवरण 31 अगस्त तक उपलब्ध करा दिया जाएगा तो विभिन्न वैधानिक प्रावधानों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरण में और निकाय चुनाव दो चरण में कराने होंगे और इसमें कुल 90 दिन का समय लगेगा।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि प्रदेश में करीब 14 हजार ग्राम पंचायतों और 300 से अधिक नगर पालिकाओं के चुनाव में संसाधनों को देखते हुए चरणबद्ध चुनाव कराना ही सही रहेगा। ग्राम पंचायत के चुनाव में 50 दिन और शहरी निकायों के लिए 40 दिन लगेंगे। अब तक स्थानीय निकायों का परिसीमन और मतदाता सूची संशोधन पूरा हो चुका है। ऐसे में चुनाव कराने के लिए उचित समय दिया जाए।
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग ने 10 जुलाई से 23 जुलाई तक प्रदेशभर में घर-घर ऑनलाइन सर्वे शुरू कर दिया है। आयोग इस सर्वे के जरिए स्थानीय निकायों में OBC राजनीतिक आरक्षण के लिए आवश्यक आंकड़े जुटा रहा है।
हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि OBC आयोग की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। ऐसे में जुलाई के अंत तक रिपोर्ट आने की स्थिति में भी चुनाव अक्टूबर से पहले कराना मुश्किल माना जा रहा है।