जयपुर

Rajasthan Panchayat-Nikay Elections : 15 अप्रेल को नहीं होंगे चुनाव! अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में आज सुनवाई

Rajasthan Panchayat Nikay Elections : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रेल तक कराने के आदेश की पालना नहीं होने को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा व अन्य की अवमानना याचिकाओं पर हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी।

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ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan Panchayat Nikay Elections : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रेल तक कराने के आदेश की पालना नहीं होने को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा व अन्य की अवमानना याचिकाओं पर हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाओं में कहा कि हाईकोर्ट ने 14 नवम्बर को पंचायत व निकाय चुनाव 15 अप्रेल 2026 से पहले कराने का आदेश दिया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। ऐसे में अदालती आदेश की पालना नहीं करने वालों को दंडित कर आदेश की पालना कराई जाए।

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ओबीसी आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ाया

इससे पूर्व राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव अब सितंबर के बाद होने की संभावना है। भजनलाल ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार को एक बार फिर ओबीसी आयोग का कार्यकाल 6 माह बढ़ा कर 30 सितंबर, 2026 तक कर दिया है। अब यह तय माना जा रहा है कि पंचायत और निकाय चुनाव अब सितंबर के बाद ही कराए जाएंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए गठित आयोग अब तक अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं दे पाया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद ही चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

पिछड़ा वर्ग आयोग को नहीं मिला 400 से ज्यादा ग्राम पंचायतों का डेटा

सूत्रों के मुताबिक, पिछड़ा वर्ग आयोग को 400 से ज्यादा ग्राम पंचायतों का डेटा नहीं मिला तो उसने इस संबंध में पंचायत राज विभाग से जानकारी मांगी थी। इसको लेकर विभाग ने आयोग को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि संबंधित डेटा पहले ही आयोजना विभाग से लिया गया था और वही विभाग इस जानकारी के लिए जिम्मेदार है।

पंचायत राज विभाग के पास अलग से यह डेटा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि सर्वे पूरा होने के बाद ही आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगा

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय स्पष्ट

पूर्व निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता का कहना है ​कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय स्पष्ट हैं कि पांच साल में चुनाव कराना बाध्यकारी है। चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का दायित्व है।

पंचायत चुनाव न होने से प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित

पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने से कई स्थानों पर प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं नगरीय निकायों में चुनाव नहीं होने के कारण पहले ही अधिकारियों को प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंप जा चुकी है। जनप्रतिनिधियों के अभाव में निकायों का संचालन फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों में है।

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Updated on:
02 Apr 2026 07:22 am
Published on:
02 Apr 2026 07:20 am
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