
जयपुर. महिला सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष गिला (32) निवासी पांचू, बीकानेर के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि मनीष ने पौरव कालेर गैंग से 5 लाख रुपए में परीक्षा का पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने अपनी रिश्तेदार को परीक्षा में पास कराने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई थी। इस मामले में एसओजी अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, महिला सुपरवाइजर सीधी भर्ती परीक्षा 6 जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी। जांच में पता चला कि परीक्षा का प्रश्न पत्र बीकानेर के रामसहाय आदर्श सेकंडरी स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था। इस मामले में जांच के दौरान पेपर लीक करने और अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने वाले गिरोह की भूमिका सामने आई।
जांच के अनुसार, तुलछाराम कालेर, पौरव कालेर, राजू मैट्रिक्स और दिनेश सिंह चौहान के गिरोह ने परीक्षा के पेपर हल कराए थे। इसके बाद ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए गए थे। इसी मामले की जांच के दौरान एसओजी ने मनीष गिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपनी रिश्तेदार को परीक्षा में पास कराने के लिए पेपर खरीदने और ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि मनीष गिला ने अपनी रिश्तेदार मंजू कुमारी बिश्नोई को परीक्षा में पास कराने के लिए पौरव कालेर से संपर्क किया था। इसके बाद पेपर के लिए 5 लाख रुपए में सौदा किया गया। मनीष ने पेपर खरीदकर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए मंजू को नकल कराई थी। इस मामले में मंजू कुमारी बिश्नोई को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसओजी के अनुसार, अब तक गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों में गिरोह के 8 सदस्य और 6 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। इस मामले ने भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने की व्यवस्था और परीक्षा में तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।