10 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Crime : नेपाल में छिपा था इनामी तस्कर, एएनटीएफ ने बदला भेष, खरीदार बनकर बिछाया जाल, बॉर्डर पर धर दबोचा

Rajasthan Crime : नेपाल में छिपकर रह रहे 75 हजार रुपए के इनामी मादक पदार्थ तस्कर सोहनलाल को पकड़ने के लिए एएनटीएफ ने ऐसा जाल बनाया था कि आरोपी आखिरकार उसमें फंस ही गया।
2 min read
Google source verification
rajasthan crime wanted smuggler sohanlal hiding nepal border antf arrested

Rajasthan Crime : एएनटीएफ ने नेपाल में छिपे 75 हजार के इनामी तस्कर को रक्सौल बॉर्डर से पकड़ा। फोटो पत्रिका

Rajasthan Crime : जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नेपाल में छिपकर रह रहे 75 हजार रुपए के इनामी मादक पदार्थ तस्कर को पकड़ा है। आरोपी छह साल से फरार था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए नेपाल में उसके नेटवर्क तक पहुंच बनाई और पंजाब के मादक पदार्थ खरीदार बनकर संपर्क किया। इसके बाद उसे बिहार के रक्सौल बॉर्डर पर बुलाया गया। नेपाल से भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही एएनटीएफ टीम ने उसे दबोच लिया।

एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि सोहनलाल उर्फ सोनू (32 वर्ष) धोरीमन्ना बालोतरा का रहने वाला है। सोहनलाल ने वर्ष 2016 में अवैध शराब की तस्करी से अपराध की दुनिया में कदम रखा था। जेल जाने के बाद उसने अधिक मुनाफे के लालच में अफीम और डोडा-चूरा की तस्करी शुरू कर दी। वर्ष 2020 में जालौर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में ठिकाने बदलता रहा।

विश्वास जीतकर बार्डर पर बुलाया

एएनटीएफ को आरोपी का तकनीकी सुराग नहीं मिलने पर टीम ने उसके स्थानीय संपर्कों के जरिए उस तक पहुंचने की रणनीति बनाई। पुलिसकर्मियों ने पंजाब के बड़े मादक पदार्थ खरीदार बनकर उसके गुर्गों से संपर्क किया। नेपाल में टीम के सदस्यों ने छद्म वेश धारण किया। कोई माला बेचने वाला बना तो कोई तिलक लगाने वाले के रूप में नजर रखता रहा।

पुलिस के मुताबिक, पशुपतिनाथ मंदिर में नियमित रूप से दर्शन करने आने वाले सोहनलाल का विश्वास जीतने के बाद उसे एडवांस रकम का लालच देकर रक्सौल बॉर्डर पर बुलाया। सोहनलाल अक्टूबर 2025 में नेपाल के काठमांडू भाग गया था। वहां भी गिरफ्तारी का डर सताने पर वह 10 अक्टूबर को भूटान जाने की तैयारी में था। इससे पहले ही एएनटीएफ ने उसे पकड़ लिया।