राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान की शुरुआत मंगलवार से हुई। अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने कुंड, बावड़ियों, तालाब की सफाई कर श्रमदान में भागीदारी निभाई।
राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान की शुरुआत मंगलवार से हुई। अभियान के तहत प्रदेशभर में विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने कुंड, बावड़ियों, तालाब की सफाई कर श्रमदान में भागीदारी निभाई।
जयपुर में शहरवासी सुबह आमेर रोड पर जलमहल के सामने स्थित ऐतिहासिक परशुरामद्वारा बावड़ी में जुटे। कचरे से अटी बावड़ी को साफ करने के लिए कोई झाडू लगाने लगा तो कोई तगारी में कचरा भरकर बाहर निकाले में जुट गया। श्रमदान करने को लेकर लोगों का उत्साह बढ़ता गया। बावड़ी के चारों ओर फैले कचरे को झाडू लगाकर एकत्र किया।
कुछ लोग बावड़ी की सीढ़ियों पर उतरे और जमा कचरे को तगारी में भरकर बाहर निकाला। कचरे से भरी तगारी एक हाथ से दूसरे हाथ होते हुए आगे बढ़ती गई। देखते ही देखते बावड़ी की सिढ़ियां चमकने लगी। कुछ लोगों ने बावड़ी के अंदर उतर पानी में तैर रहे कचरे को हटाया। लोगों को श्रमदान करते देख पास स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय गोविंदनगर पूर्व की छात्राएं भी श्रमदान करने में पहुंची।
झालावाड़ में गढ़ परिसर स्थित बावड़ी की सफाई कर स्काउट्स व विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने जल संरक्षण की शपथ ली। वहीं बारां में मनिहारा तालाब की साफ सफाई के लिए लोग जुटे। इस दौरान पानी की महत्ता को बताकर लोगों को जागरूक किया गया। अलवर के सागर जलाशय स्थित हाथी कुंड में भ्री लोगों ने श्रमदान किया।