जयपुर

Petrol-Diesel Price in Rajasthan : सुबह-सुबह झटकेदार खबर, फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, जानें क्या हैं नई कीमतें?

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, जयपुर में पेट्रोल ₹109.87 और डीजल ₹95.09 के पार। रसोई बजट बिगड़ा, मंडियों में सरसों भी हुई महंगी। जानें नई दरें।
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May 23, 2026
Rajasthan Petrol Diesel Price Hike
Rajasthan Petrol Diesel Price Hike

राजस्थान के आम नागरिकों के लिए शनिवार 23 मई की सुबह किसी बड़े झटके से कम नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में मचे हाहाकार के बीच तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से इजाफा कर दिया है। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार इस ताज़ा मूल्य वृद्धि के बाद अकेले राजधानी जयपुर में पेट्रोल के दाम बढ़कर ₹109.87 प्रति लीटर और डीजल के दाम बढ़कर ₹95.09 प्रति लीटर के स्तर पर जा पहुंचे हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने पिछले 9 दिनों के भीतर आम उपभोक्ता की कमर पूरी तरह से तोड़कर रख दी है, क्योंकि इन 9 दिनों में पेट्रोल ₹5.12 और डीजल ₹4.84 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। इसलिए यदि आप सुबह-सुबह अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाने या बाजार में घर का राशन खरीदने निकलने वाले हैं, तो अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए।

जयपुर में पेट्रोल-डीज़ल की नई कीमतें

प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार

ईंधन का प्रकार (Fuel Type)आज की ताज़ा वृद्धि (Daily Hike)वर्तमान नया दाम (Current Price)पिछले 9 दिनों में कुल बढ़ोतरी (9-Day Total Hike)
पेट्रोल (Petrol / MS)+0.93 पैसे प्रति लीटर₹109.87 प्रति लीटर+₹5.12 प्रति लीटर
डीजल (Diesel / HSD)+0.92 पैसे प्रति लीटर₹95.09 प्रति लीटर+₹4.84 प्रति लीटर

चार बड़े महानगरों की स्थिति (as on 23.05.2026)

राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी रिटेल सेलिंग प्राइस (RSP) में तेल कंपनियों ने आग लगा रखी है। लगातार बढ़ रहे दामों का डेटा देखने से साफ पता चलता है कि देशव्यापी स्तर पर मंहगाई का ग्राफ किस तरह ऊपर भाग रहा है।

महानगरों में पेट्रोल (MS) के ताजा दाम और वृद्धि:

Petrol Pump in Jaipur - Patrika PIC
महानगर (City)पेट्रोल का नया दाम (Rs/Litre)पेट्रोल में वृद्धि (Petrol Hike)डीजल का नया दाम (Rs/Litre)डीजल में वृद्धि (Diesel Hike)
दिल्ली (Delhi)₹99.51+0.87 पैसे₹92.49+0.91 पैसे
कोलकाता (Kolkata)₹110.64+0.94 पैसे₹97.02+0.95 पैसे
मुंबई (Mumbai)₹108.49+0.90 पैसे₹95.02+0.94 पैसे
चेन्नई (Chennai)₹105.31+0.82 पैसे₹96.98+0.87 पैसे

आदमी की रसोई पर बढ़ेगा बोझ

मंडी की फोटो: पत्रिका

ईंधन की कीमतों में लगी इस आग का सीधा और खतरनाक असर राजस्थान के लोगों के खान-पान और रसोई के बजट पर पड़ना शुरू हो गया है। लालसोट कृषि उपज मंडी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 दिनों के भीतर ही मंडियों में सरसों के दामों में करीब ₹600 से ₹700 प्रति क्विंटल की रिकॉर्ड तेजी देखी गई है।

हरी सब्जियों और दूध-राशन की कीमतें छू सकती हैं आसमान

File PIC

ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण सोंखिया, पूर्व अध्यक्ष नवल किशोर झालानी और सुरेश चौधरी ने इस विकट स्थिति पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, डीजल की कीमतों में 92 पैसे की यह ताजा बढ़ोतरी कोई सामान्य घटना नहीं है।

व्यापारियों का साझा बयान: "डीजल सीधे तौर पर देश और राज्य की परिवहन व्यवस्था (Logistics Management) से जुड़ा हुआ है। जब भी डीजल ₹95 प्रति लीटर के पार जाएगा, ट्रक और मिनी-मेटाडोर ऑपरेटर अपना मालभाड़ा (Freight Charges) तुरंत बढ़ा देंगे। इसका सीधा असर जयपुर की मुहाना मंडी में आने वाली हरी सब्जियों, फलों, दालों और किराना के सामान पर पड़ेगा। आने वाले एक-दो दिनों के भीतर ही रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम 10 से 15 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं।"

क्यों बढ़ रहे हैं दाम? जानिए पूरा सच

Strait of Hormuz(AI Image)

ग्लोबल मार्केट और स्थानीय व्यापारिक संघों (Green Merchant Association) के आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस मंहगाई के पीछे कोई एक स्थानीय कारण नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे कई बड़े संकट आपस में जुड़े हुए हैं:

  • ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध: खाड़ी देशों में छिड़े इस त्रिकोणीय तनाव के कारण कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) संकट: इस समुद्री मार्ग पर जारी गतिरोध के चलते सोया ऑयल, सूरजमुखी तेल और पाम ऑयल का आयात (Import) ठप होने की कगार पर आ गया है।
  • बायोडीजल का बढ़ता चलन: दुनिया के कई बड़े देशों में अब खाद्य तेलों का उपयोग खाने के बजाय बायोडीजल बनाने में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिससे खाने वाले तेल की किल्लत बढ़ गई है।
  • घरेलू सरसों उत्पादन में 25% की कमी: इस साल मौसम की बेरुखी के कारण राजस्थान सहित देश के प्रमुख राज्यों में सरसों की पैदावार में लगभग 25 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्टॉक की कमी हो गई है।
  • डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ कमजोर: अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की कमजोरी के कारण तेल और अन्य खाद्य तेलों का आयात भारत के लिए बहुत महंगा सौदा साबित हो रहा है।
Updated on:
23 May 2026 08:14 am
Published on:
23 May 2026 07:51 am