history sheeter Rakesh Yadav : कहते है कि कानून के हाथ लंबे होते है। अगर पुलिस ठान ले तो गुनहगार को पाताल से भी ढूंढकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है।
Rajasthan Crime News : जयपुर। कहते है कि कानून के हाथ लंबे होते है। अगर पुलिस ठान ले तो गुनहगार को पाताल से भी ढूंढकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। कुछ ऐसा ही मामला राजस्थान पुलिस से जुड़ा हुआ सामने आया है। 1.25 लाख रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर राकेश यादव को राजस्थान पुलिस 2000 किमी दूर से पकड़कर लाई है। हालांकि, वह आरोपी अब जयपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। खास बात ये है कि आरोपी राकेश यादव पुलिस से बचने के लिए बाइक से असम पहुंचता था और वहां पर राजस्थान में अपनी गैंग चलाने लगा था।
पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राकेश यादव (32) श्रीमाधोपुर नीमकाथाना का रहने वाला है। आरोपी ने ज्वैलर्स नवीन सोनी द्वारा रंगदारी के करोड़ों रुपए नहीं देने पर 30 जुलाई 2023 को अपने गुर्गे से उसके फ्लैट पर पैर में गोली मारकर जानलेवा हमला करवाया था। आरोपी के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी और फायरिंग जैसे संगीन आरोपी के करीब 23 प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी असम और कोलकाता में तीन साल से फरारी काट रहा था।
हिस्ट्रीशीटर पिछले डेढ़ साल से असम के डिब्रूगढ़ में छिपा हुआ था और वहां से बैठकर राजस्थान में अपनी गैंग चला रहा था। पुलिस का चैन छीनने वाला यह बदमाश असम में चैन से रहा था। वह इंटरनेट कॉलिंग के जरिए व्यापारियों को धमका कर रुपए वसूलता था। जयपुर पुलिस की टीम पिछले एक महीने से बदमाश राकेश यादव को ट्रेस कर रही थी। पुलिस टीम तो पता चला कि आरोपी डिब्रुगढ असम में फरारी काट रहा है। इस पर पुलिस टीम को मंगलडोई डिब्रुगढ असम भेजा गया। टीम ने दो किलोमीटर का पीछा कर उसे दबोच लिया।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश विश्नोई ने बताया कि आरोपी राकेश ने राजस्थान में रंगदारी का आतंक फैला रखा था। रोजाना नेटकॉलिंग, स्फूकिंग कॉलिंग, अलग अलग ऑनलाईन प्लेटफार्म, व्हाट्सएप, इस्टाग्राम, स्नेपचेट का उपयोग कर आमजन को करोड़ों रुपए रंगदारी देने के लिए कहता था। ऐसा नही करने पर अपने गैंग के गुर्गों से मौत के घाट उतरवाने की धमकी देता था। पैसे नही देने वाले लोगों पर आरोपी जानलेवा हमला करवा रहा था।
थानाप्रभारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि 16 मई 2024 को दौलतपुरा टोल प्लाजा जयपुर के पास पहुंचने पर आरोपी राकेश यादव ने लघुशंका के लिए गाड़ी रुकवाई और पुलिस टीम से पिस्टल छीनकर फायर कर दिए। पुलिस की ओर से आत्मरक्षा फायरिंग में एक गोली आरोपी के बाए पैर की पिडली पर लगी। गढ्ढे में गिरने से उसका दाया पैर पर फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने उसे एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल और 5 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में आरोपी के तीन साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं।