
राजस्थान पुलिस ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए आमजन को जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस ने “साइबर डिक्शनरी” जारी कर लोगों को Adware, Keylogger, Cyber Grooming समेत विभिन्न साइबर खतरों के बारे में आसान भाषा में समझाया है। पुलिस ने आगाह किया है कि इन खतरों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि खुद और परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।
राजस्थान पुलिस की यह मुहिम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में है। पोस्टर के जरिए आम नागरिकों को बताया गया है कि इंटरनेट की दुनिया में इस्तेमाल होने वाले भारी-भरकम तकनीकी शब्दों को चुटकियों में समझा जा सकता है। साइबर डिक्शनरी में विभिन्न खतरों की परिभाषा दी गई है, जिससे लोग आसानी से पहचान सकें कि कौन सा खतरा किस रूप में उनके सामने आ सकता है।
पुलिस ने Deepfake, Phishing, Vishing, Smishing, Malware, Ransomware, Adware, Keylogger और Cyber Grooming जैसे प्रमुख खतरों के बारे में विस्तार बताया है। ये खतरे रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियों के दौरान किसी भी समय हो सकते हैं।
राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन खतरों से सतर्क रहें। डिजिटल सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं। पोस्ट में साफ कहा गया है - “डिजिटल युग में सुरक्षा के लिए इस साइबर डिक्शनरी और इससे जुड़े खतरों को समझना बेहद जरूरी है।” पुलिस का मकसद है कि आमजन खुद को और अपने परिवार को इन डिजिटल जालों से बचा सकें।
यदि किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो बिना समय गंवाए तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। राजस्थान पुलिस ने दिए हैं ये संपर्क:
राजस्थान पुलिस का संदेश है - “आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता”। इस अभियान के जरिए पुलिस आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर पैदा करने का प्रयास कर रही है। बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में ऐसी जागरूकता मुहिम बेहद जरूरी है। नागरिकों को चाहिए कि वे इस डिक्शनरी को शेयर करें और अपने आसपास के लोगों को भी इन खतरों के बारे में बताएं।