
जयपुर। राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लिए प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 20 जुलाई से शुरू हुए एक महीने के अभियान के शुरुआती 20 दिनों में ही पुलिस ने 848 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज कर 1158 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान अलग-अलग तरह के 9,750 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। अभियान 20 अगस्त तक जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा-निर्देश और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चल रहे अभियान में बीकानेर रेंज सबसे आगे रही। यहां पुलिस ने 206 एनडीपीएस मामले दर्ज करते हुए 273 तस्करों को गिरफ्तार किया। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह प्रदेश की सभी रेंज में सबसे बड़ी कार्रवाई रही।
अजमेर रेंज में 92 मामलों में 144, कोटा रेंज में 86 मामलों में 125, जोधपुर रेंज में 80 मामलों में 118, जयपुर रेंज में 96 मामलों में 117 और उदयपुर रेंज में 111 मामलों में 185 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। भरतपुर रेंज में 56 मामलों में 73, जयपुर आयुक्तालय में 92 मामलों में 91 और जोधपुर आयुक्तालय में 29 मामलों में 32 आरोपी पकड़े गए।
पुलिस का फोकस सिर्फ छोटे तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अभियान में खासतौर पर व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले बड़े तस्करों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मादक पदार्थों के स्रोत और सप्लाई चेन का पता लगाकर पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। अभियान के दौरान डोडा पोस्त, डोडा चूरा, अफीम, गांजा, स्मैक, एमडीएमए और हेरोइन सहित विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
विशेष अभियान के तहत 2,067 हार्डकोर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ 2,085 कार्रवाई की गई। इनमें से अब तक 1,624 हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अवैध हथियारों के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए 319 मामले दर्ज कर 396 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में 624 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 8.24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई गई, जबकि 2.91 करोड़ रुपये से अधिक रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई। अवैध खनन के खिलाफ भी 650 मामलों में कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान 9,663 स्थानों पर नाकाबंदी कर 7.04 लाख से अधिक वाहनों की जांच की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 2.32 लाख से अधिक कार्रवाई हुई। महिला सुरक्षा से जुड़े 2,835 मामलों में कार्रवाई के साथ 7,545 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस ने 1,060 सीएलजी बैठकों के जरिए आमजन से संवाद भी किया।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि संगठित अपराध, नशा तस्करी, साइबर अपराध और महिला अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है।