नवीन आपराधिक कानून के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित ‘नव विधान: न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का 21 अक्टूबर को अंतिम दिन होगा।
जयपुर। नवीन आपराधिक कानून के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित ‘नव विधान: न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का 21 अक्टूबर को अंतिम दिन होगा। सीतापुरा स्थित जेईसीसी परिसर में चल रही इस हाई-टेक प्रदर्शनी ने बीते एक हफ्ते में हजारों आगंतुकों को आकर्षित किया है।
रविवार को अवकाश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का लुत्फ उठाया। इस दौरान पुलिस विभाग के कई शीर्ष अधिकारियों ने अपने परिजनों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सपरिवार प्रदर्शनी में पहुंचे और विभिन्न जोन में चल रहे डेमो का अवलोकन किया। उनके साथ पूर्व डीजीपी उमेश मिश्रा और ओमप्रकाश गल्होत्रा तथा अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं आरपीए डायरेक्टर एस. सेंगाथिर भी मौजूद रहे। बच्चों, युवाओं और परिवारों के साथ-साथ विद्यार्थियों ने नए आपराधिक कानूनों को समझने और पुलिस की आधुनिक कार्यशैली को करीब से देखने में गहरी रुचि दिखाई।
राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव शर्मा ने आमजन से आह्वान किया है कि जो अब तक नहीं पहुंचे हैं, वे इस अंतिम दिन प्रदर्शनी का हिस्सा जरूर बनें, क्योंकि यह केवल कानून देखने का नहीं, बल्कि 'न्याय के नए भारत' को समझने का मौका है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों को यह दिखाना है कि नया कानून सिर्फ दंड नहीं, बल्कि न्याय, संवेदना और सुरक्षा की नई सोच लेकर आया है।
-वेपन सिमुलेटर: हथियार चलाने का वर्चुअल अनुभव आगंतुकों का सबसे बड़ा रोमांच बना।
-AI ड्राइविंग सिमुलेटर: सड़क सुरक्षा और स्मार्ट ड्राइविंग का आधुनिक प्रशिक्षण।
-कालिका यूनिट: महिला सुरक्षा की नई पहल के तौर पर खास आकर्षण।
-नाट्य मंचन: कानून को कहानी और अभिनय के माध्यम से समझाने का सृजनात्मक तरीका।
-सेल्फी पॉइंट्स और क्विज़: मनोरंजन के साथ जानकारी हासिल करने का अवसर।