जयपुर

‘वोटर लिस्ट में नाम देखें…’, राजस्थान में निकाय चुनाव के नाम पर हो रही गज़ब की ठगी, पुलिस ने जारी की एडवाइज़री

Cyber Crime News Rajasthan : राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर साइबर ठग एक्टिव। राजस्थान पुलिस ने जारी की 10 सूत्रीय एडवाइजरी, फर्जी वोटर लिंक, OTP और QR कोड से ठगी से बचने का अलर्ट।
2 min read
Aug 25, 2026
rajasthan police local body elections cyber fraud Advisory 2026
Rajasthan Police Cyber Fraud Advisory - AI PIC

राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की सुगबुगाहट के बीच साइबर ठगों ने आम नागरिकों, चुनाव प्रत्याशियों और ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को ठगने का नया जाल बिछाना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के निर्देशों के बाद पुलिस मुख्यालय की साइबर क्राइम शाखा ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं) वीके सिंह ने आमजन को सतर्क रहने की अपील करते हुए बताया कि चुनाव के दौरान फर्जी वोटर लिस्ट लिंक, फर्जी कॉल, डीपफेक वीडियो और QR कोड के जरिए ठगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। 'वोटर लिस्ट में नाम देखें…',

आम जनता को इस नए डिजिटल खतरे से बचाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राजस्थान पुलिस ने 10 सूत्रीय महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना हर मतदाता और नागरिक के लिए बेहद जरूरी है।

राजस्थान पुलिस की 10-सूत्रीय साइबर सुरक्षा एडवाइजरी

1. 'वोटर लिस्ट में नाम देखें' वाले फर्जी लिंक से बचें

WhatsApp या SMS पर आए ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश पर क्लिक न करें जिसमें वोटर लिस्ट में नाम देखने या पोलिंग बूथ बदलने का दावा किया गया हो।

2. केवल आधिकारिक वेबसाइट का करें उपयोग

मतदान, वोटर कार्ड या पोलिंग स्टेशन से जुड़ी किसी भी सटीक जानकारी के लिए केवल State Election Commission, Rajasthan और CEO Rajasthan के मुख्य पोर्टल का ही उपयोग करें।

3. किसी भी 'अधिकारी' को न दें OTP या UPI PIN

चुनाव आयोग का अधिकारी बनकर कॉल करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक विवरण, OTP या UPI PIN साझा न करें।

4. वायरल वीडियो और डीपफेक की करें पुष्टि

सोशल मीडिया पर नेताओं या राजनीतिक दलों से जुड़े किसी भी वायरल वीडियो या ऑडियो को बिना आधिकारिक पुष्टि के आगे फॉरवर्ड न करें।

5. प्रत्याशी अपने खातों में चालू करें Two-Factor Authentication

चुनाव में खड़े प्रत्याशी और राजनीतिक कार्यकर्ता अपने Facebook, Instagram, X और WhatsApp खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) तुरंत ऑन करें।

6. चुनावी चंदे और QR कोड स्कैनिंग में रहें सावधान

डोनेशन या फंड रेजिंग के लिए प्राप्त किसी भी QR कोड को स्कैन करते समय सतर्क रहें। याद रखें, पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी PIN दर्ज नहीं करना पड़ता।

7. WhatsApp ग्रुप एडमिन रखें 'Only Admins' सेटिंग

चुनाव प्रचार से जुड़े ग्रुप्स में फर्जी खबरें और ठगी के लिंक रोकने के लिए एडमिन केवल प्रामाणिक सदस्यों को ही मैसेज की अनुमति दें।

8. चुनाव कर्मी पब्लिक Wi-Fi का न करें इस्तेमाल

चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी और कर्मचारी ईवीएम या चुनावी डेटा से जुड़ी जानकारी किसी निजी डिवाइस या असुरक्षित पब्लिक वाई-फाई पर साझा न करें।

9. अनजान सर्कुलर और ईमेल अटैचमेंट से दूरी बनाएं

चुनावी ड्यूटी के दौरान अज्ञात ईमेल आईडी से आए किसी भी अटैचमेंट, सर्कुलर या लिंक को बिना वेरिफिकेशन के ओपन न करें।

10. ठगी होने पर तुरंत 1930 पर दर्ज कराएं शिकायत

किसी भी तरह की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर 'गोल्डन आवर्स' में तुरंत 1930 डायल करें या राज्य के स्पेशल साइबर हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर संपर्क करें।

सतर्क मतदाता ही सुरक्षित मतदाता है: राजस्थान पुलिस

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वीके सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी चुनावी माहौल का फायदा उठाकर लोगों के मन में भ्रम और वित्तीय नुकसान पहुंचाने की फिराक में हैं। ऐसे में राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद सतर्क रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इस एडवाइजरी के प्रति जागरूक करें। ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Updated on:
25 Aug 2026 09:11 am
Published on:
25 Aug 2026 09:09 am