
राजस्थान की राजनीति में जब भी डिजिटल दबदबे और लोकप्रियता की बात होती है, तो अमूमन लोगों के दिमाग में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व सीएम अशोक गहलोत या युवा नेता सचिन पायलट का नाम ही आता है। लेकिन जब इंस्टाग्राम के आधिकारिक आंकड़ों और फॉलोअर्स की गिनती का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड निकाला गया, तो एक चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। राजस्थान सरकार के मौजूदा मंत्रियों की बात करें तो इंस्टाग्राम फ़ॉलोअर्स की रेस में उद्योग मंत्री और पूर्व ओलंपिक पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ 19 लाख (1.9 Million) फॉलोअर्स के साथ नंबर-1 के पायदान पर काबिज हो चुके हैं। जबकि मंत्रियों से इतर अगर बात करें तो शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी सभी दिग्गजों को पछाड़ते हुए 31 लाख (3.1 मिलियन) फ़ॉलोअर्स के साथ कहीं आगे निकले हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम में 'धमाकेदार' एन्ट्री के बाद जब राजस्थान के नेताओं का इंस्टा हैंडल खंगाला गया तो कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं।
रविंद्र सिंह भाटी (31 लाख फॉलोअर्स): छात्र राजनीति से उभरा युवा चेहरा, बेबाक जनसंवाद शैली और थार के धरातल से जुड़ाव का सीधा फायदा रविंद्र सिंह भाटी को मिल रहा है। 3.1 मिलियन फॉलोअर्स के साथ वे राजस्थान के बड़े से बड़े राजनीतिक दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए इंस्टाग्राम के सबसे लोकप्रिय नेताओं की टॉप लिस्ट में शामिल हैं।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (19 लाख फॉलोअर्स): सेना का अनुशासन, ओलंपिक सिल्वर मेडल की साख और युवाओं के बीच फिटनेस आइकन की छवि का सीधा फायदा राज्यवर्धन राठौड़ को मिल रहा है। 1.9 मिलियन फॉलोअर्स के साथ वे राजस्थान के मंत्रियों में सबसे बड़े इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर बनकर उभरे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (12 लाख फॉलोअर्स): प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया होने के बावजूद सीएम भजनलाल शर्मा 12 लाख (1.2 मिलियन ) फॉलोअर्स के साथ राज्यवर्धन से काफी पीछे दूसरे स्थान पर टिके हैं।
सचिन पायलट (12 लाख फॉलोअर्स): राजस्थान के युवाओं के बीच भारी पकड़ रखने का दावा करने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी 12 लाख फॉलोअर्स के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर हैं।
अशोक गहलोत व वसुंधरा राजे (11-11 लाख फॉलोअर्स): राजस्थान की राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधर—पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे—11-11 लाख फॉलोअर्स के साथ राज्यवर्धन राठौड़ से काफी नीचे बने हुए हैं।
शीर्ष पायदान के बाद अगर दोनों ही प्रमुख दलों के अन्य बड़े नेताओं की बात करें, तो इंस्टाग्राम पर उनकी मौजूदगी कुछ इस प्रकार दर्ज की गई है:
डिप्टी सीएम दिया कुमारी: 7.39 लाख फॉलोअर्स के साथ सत्ता पक्ष की मजबूत महिला नेता के रूप में स्थापित हैं।
गोविंद सिंह डोटासरा: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा के पास 4.33 लाख फॉलोअर्स का आधार है।
डॉ. प्रेम चंद्र बैरवा व डॉ. किरोड़ी लाल मीणा: उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद्र बैरवा के पास 3.68 लाख और अपनी बेबाकी के लिए मशहूर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के पास 3.12 लाख फॉलोअर्स हैं।
टीकाराम जूली: राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के इंस्टाग्राम पर 2.07 लाख फॉलोअर्स मौजूद हैं।
एक तरफ जहां राज्यवर्धन राठौड़ 19 लाख का आंकड़ा छूकर सबसे ऊपर बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान कैबिनेट के आधे से अधिक मंत्रियों की डिजिटल हालत बेहद सुस्त नजर आती है।
50 हजार से कम फॉलोअर्स वाली मंत्रियों की कतार: राजस्थान सरकार के करीब 12 से अधिक मंत्री ऐसे हैं जो इंस्टाग्राम पर 50 हजार के सामान्य आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके हैं।
निचले पायदान के मंत्री: गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत (43 हजार), ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर (38 हजार), खाद्य मंत्री सुमित गोदारा (30 हजार), जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी (27 हजार), और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम (25 हजार) के फॉलोअर्स की संख्या काफी सीमित है।
सबसे ठंडा खाता: महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार के पास महज 8 हजार फॉलोअर्स हैं, जो पूरी सरकार में सबसे कम डिजिटल रीच को दर्शाता है।