- नागौर में 153.17 करोड़ रुपए लागत के 31 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास, मुख्यमंत्री ने महंगाई राहत कैंप का किया अवलोकन, सौंपे गारंटी कार्ड
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को नागौर के मौलासर में महंगाई राहत कैंप का अवलोकन किया और उसके बाद किसान सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इस मौके पर सीएम गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने गहन अध्ययन के बाद ही जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। महंगाई राहत कैंपों में 10 योजनाओं के रजिस्ट्रेशन से मिले मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड से आमजन को राहत मिलेगी।
राज्य सरकार की यह योजनाएं चुनावी नहीं हैं। प्रत्येक योजना स्थायी है। गहलोत ने कहा कि नागौर के डीडवाना-कुचामन सहित 19 नए जिले बनाने की घोषणा से प्रदेश में खुशी की लहर है। इससे प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होगा और राजस्थान के विकास का हमारा सपना पूरा होगा। प्रशासनिक ईकाईयां बढ़ने से जटिलताएं कम होगी। समयबद्ध कार्य पूरे होने से जिले का बेहतर विकास प्रबंधन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाना ही लक्ष्य है।
पहले कर्जा माफ, कृषि बजट और अब निःशुल्क बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 2 अक्टूबर, 1959 को नागौर से ही पंचायती राज व्यवस्था का दीपक प्रज्ज्वलित किया था। यहां के किसानों ने उसे सुदृढ़ करने का कार्य किया। इसलिए नागौर जिला किसानों का सिरमौर है। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही 22 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। अलग से कृषि बजट पेश कर सर्वांगीण विकास में कई योजनाएं लागू की। अब उन्हें 2000 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली मिलेगी, जिससे आर्थिक सम्बल मिलेगा। गहलोत ने कहा कि जब केंद्र सरकार उद्योगपतियों के करोड़ों रुपए माफ कर सकती है तो किसानों के क्यों नहीं।
आपके स्वास्थ्य की देखभाल हमारी जिम्मेदारी
गहलोत ने कहा कि निरोगी राजस्थान की संकल्पना को साकार करने के लिए कानून बनाकर स्वास्थ्य का अधिकार (आरटीएच) लागू किया गया। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 25 लाख रुपए का निःशुल्क इलाज, निःशुल्क जांचें व दवाईयों का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है।
महिला सशक्तिकरण हमारा ध्येय
गहलोत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने महिलाओं को चुनावों में आरक्षण दिलाया, जिससे उन्हें प्रतिनिधित्व मिला। राज्य सरकार भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रही है। रक्षाबंधन से 3 साल की इंटरनेट सेवा के साथ महिलाओं को मोबाइल वितरित किए जाएंगे, जिनके जरिए वे योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा के तहत अब न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए की गई है। केंद्र सरकार को भी पूरे देश में एक समान सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करना चाहिए।
ओपीएस क्रांतिकारी फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू करने का क्रांतिकारी फैसला लिया गया। इससे सरकारी कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित होगा। राजस्थान की तरह केंद्र सरकार को पूरे देश में ओपीएस फिर शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी के बीच प्रदेश के युवाओं को 1.50 लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी है, इतनी ही प्रक्रियाधीन है और 1 लाख की बजट घोषणा की गई है। प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो जाएगी।
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