जयपुर

वर्षा कभी बनी विमला तो कभी कुछ और… शातिर के कई नाम, रखा था पूरे 25 हजार का इनाम

SI Paper Leak 2021: जोधपुर के स्कूल में कार्यरत वर्षा विश्नोई कोटा से गिरफ्तार, 6 महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही थी, कोटा में पेइंग गेस्ट बनकर रह रही थी, प्रमुख सूत्रधार जगदीश जांणी की है निकट रिश्तेदार

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सब इंस्पेक्टर पेपर लीक घोटाले मामले में जोधपुर रेंज पुलिस ने प्रमुख सूत्रधार जगदीश जांणी की निकट रिश्तेदार वर्षा विश्नोई को कोटा से दबोच लिया। वर्षा कोटा में विमला बनकर पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रही थी। वर्षा नाम और पहचान बदलकर डमी केंडिडेट बनकर कई भर्ती परीक्षाओं में बैठ चुकी है। एसओजी ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।

स्टूडेंट बनकर पहुंची पुलिस

पुलिस टीम उसे पकड़ने के लिए खुद स्टूडेंट बनी। कोटा के कोचिंग संस्थानों की खाक छानी और आखिर स्टूडेंट के रूप में ही पुलिस वर्षा तक पहुंची और पकड़ लिया। वर्षा लेक्चरर है और राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल नारवा, जोधपुर में कार्यरत है। वह कई भर्ती परीक्षाओं में दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर नाम और पहचान बदलकर डमी केंडिडेट बनकर बैठ चुकी है। जोधपुर रेंज पुलिस ने उसे कोटा से पकड़कर एसओजी जयपुर को सौंप दिया है।

बनाए फर्जी दस्तावेज

पोरव कालेर, ओमप्रकाश ढाका, सुनील विश्नोई, शैतानाराम के बाद छठी कड़ी के रूप में वर्षा विश्नोई पकड़ी गई है। वह कोटा के जवाहर नगर इलाके में एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर विमला के फर्जी नाम से विद्यार्थी बनकर पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी।

शातिराना अंदाज: फोन बंद, संपर्क तोड़े

वर्षा इतनी चालाक व शातिर है कि अपने सारे सम्पर्क सूत्र तोड रखे थे। सामान्य टेलीफोन कॉल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करती थी। टीम को वर्षा के साथ अन्य कुछ आरोपियों के साथ कोटा में छिपे होने की सूचना मिली। कई दिनों तक टीम विद्यार्थी बनकर ढाबों, चौराहों, पान की दुकानों, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों इत्यादि में खाक छानती रही क्योंकि वर्षा ने अपना नाम बदलकर विमला कर लिया था और इस नाम से फर्जी आधार कार्ड बना रखा था।

Updated on:
08 Oct 2024 07:24 am
Published on:
07 Oct 2024 09:00 pm
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