Rajasthan SI Exam Cancelled : राजस्थान की चर्चित और विवादित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती-2021 का सफर किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रहा। अब एसआई भर्ती पूरी तरह से रद्द हो गई है। जानें इस साजिश की पूरी कहानी।
Rajasthan SI Exam Cancelled : राजस्थान की चर्चित और विवादित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती-2021 का सफर किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रहा। जिस भर्ती ने प्रदेश को 800 से ज्यादा थानेदार देने थे, उसने बदले में दिए एसओजी की रेड, सलाखों के पीछे जाते प्रशिक्षु थानेदार व आरपीएससी के गलियारों में फैला भ्रष्टाचार का जाल। 13 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट की दहलीज से शुरू हुई कानूनी लड़ाई, मंत्रिमंडलीय समितियों के विरोधाभासी सुझावों व सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद अब अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गई है।
139 लोग हुए गिरफ्तार।
64 प्रशिक्षु एसआइ गिरफ्तार।
15 चार्जशीट कोर्ट में पेश।
139 के खिलाफ आरोप पत्र पेश।
90 संदिग्ध व फरार आरोपी।
07 वांटेड की गिरफ्तारी शेष।
05 सरकारी कर्मचारी भी वांटेड।
29 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार।
118 आरोपियों को जमानत मिली।
54 प्रशिक्षु एसआइ बर्खास्त।
10 प्रशिक्षु एसआइ निलम्बित।
07 खिलाफ स्थायी वारंट।
(आंकड़े एसओजी के मुताबिक)।
19 जनवरी 2026- हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अपीलों पर सुनवाई पूरी की।
8 सितम्बर 2025- हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भर्ती रद्द करने के एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाकर प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को ट्रेनिंग में शामिल होने की अनुमति दी, लेकिन फील्ड पोस्टिंग पर रोक को जारी रखा।
24 सितम्बर 2025- सुप्रीम कोर्ट ने चयनित उपनिरीक्षकों की ट्रेनिंग के राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि हाईकोर्ट अपील पर तीन माह में फैसला करे।
28 अगस्त 2025- हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एसआई भर्ती रद्द करने के लिए राज्य सरकार से आरपीएससी को विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा। साथ ही कहा कि 2021 की भर्ती के पदों को वर्ष 2025 की भर्ती में शामिल करें। दूसरी सरकारी सेवा छोड़कर आए चयनितों को पूर्व की सेवा में लिया जाए। नई भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट दी जाए।
आरपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, सदस्य मंजू शर्मा, संगीता आर्य व जसवंत राठी की भूमिका पर संदेह जाहिर करते हुए आरपीएससी की कार्यशैली पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था। न्यायाधीश समीर जैन ने कैलाश चन्द्र शर्मा व अन्य की याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया था।
18 नवम्बर 2024 - को भर्ती पर यथास्थिति के आदेश, पासिंग आउट परेड़ व पोस्टिंग प्रक्रिया रोकी। 13 अगस्त 2024 - को हाईकोर्ट में याचिका दायर।
अक्टूबर 2024… मंत्रिमंडलीय समिति की पहली रिपोर्ट, जिसमें परीक्षा दुबारा कराने और उसमें पूर्व में परीक्षा देने वालों को शामिल करने, भर्ती रद्द करने, एसओजी की पकड़ में आ चुके या संदिग्ध चयनित अभ्यर्थियों को बर्खास्त कर शेष चयनित अभ्यर्थियों को सेवा में बनाए रखने जैसे 4 विकल्प सुझाए।
28 जून 2025… मंत्रिमंडलीय समिति की दूसरी रिपोर्ट, भर्ती रद्द नहीं करने की सिफारिश की। इसमें एसआईटी जांच जारी रखने, पकड़े गए या संदिग्ध चयनितों की सेवा समाप्त कर भावी भर्तियों से डीबार करने जैसे सुझाव दिए। आगे इस भर्ती के अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट देने की सिफारिश भी की।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत है। इस परीक्षा में हुई धांधली के पुख्ता सबूत एसओजी व अन्य एजेंसियों को दिए थे, लेकिन युवाओं की मेहनत का सौदा करने वाली पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने का काम किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि हाईकोर्ट की डबल बेंच की ओर से एसआइ भर्ती 2021 बरकरार रखना पेपर लौक से ठगे गए युवाओं की जीत है। उन्होंने कहा है कि यह रद्द करने और सिंगल बेंच के निर्णय को फैसला भाजपा की कथनी और करनी में अंतर एवं दोहरे चरित्र पर करारा तमाचा है।
आरएलपी अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसआइ भर्ती पर हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस मामले में दोहरा खेल खेला और इस भर्ती को यथावत रखने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थियों की भावनाओं की कोर्ट में जीत हुई है।